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सज़ा पर लालू: 'सामाजिक न्याय और एकता के लिए मरने को तैयार'
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद को चारा घोटाला मामले में साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माना लगाए जाने के बाद उन्होंने एक ट्वीट करके बीजेपी पर निशाना साधा.
लालू ने ट्वीट किया, ''बीजेपी के नियम- हमारे साथ रहो वरना हम तुम्हें ठिकाने लगाने देंगे, को अपनाने से बेहतर हैं कि मैं सामाजिक न्याय, एकता और बराबरी के लिए जान दे दूंगा.''
उनके बेटे तेजस्वी यादव ने सज़ा सुनाए जाने के वक्त ही लालू प्रसाद की लिखी एक चिट्टी जारी की है.
तेजस्वी यादव ने लिखा कि ये चिट्ठी उनके पिता लालू प्रसाद ने बिहार की जनता के नाम लिखी है. चिट्ठी में लालू प्रसाद के हवाले से लिखा गया है, ''आप सबों के नाम ये पत्र लिख रहा हूं और याद कर रहा हूं अन्याय और गैर बराबरी के खिलाफ अपने सफ़र को... सोच रहा हूं अपने दलित पिछले और अत्यंत पिछड़े जनों के बाकी बचे अधिकारों की लड़ाई को.''
चिट्ठी में लालू ने लिखा, ''इतिहास गवाह है कि मनुवादी सामंतवाद की शक्तियां कहां कहां और कैसे सक्रिय होकर न्याय के नाम पर अन्याय करती आई हैं. शुरू से ही इन शक्तियों को हजम नहीं हुआ कि एक पिछड़े गरीब घर का बेटा दुनिया को रास्ता दिखाने वाले बिहार जैसे राज्य का मुख्यमंत्री बने. यही जननायक कर्पूरी ठाकुर के साथ हुआ.''
''आडवाणी का रथ रोकते हुए मैंने सत्ता नहीं देखी ''
लालू प्रसाद की चिट्ठी में जेपी आंदोलन, समाज में उस वक़्त फैले ऊंच-नीच और उनके जेल जाने तक का विस्तार से जिक्र किया गया है. वो लिखते हैं, ''लालू का रास्ता सच के लिए संघर्ष का रास्ता है. इसलिए जनता ही जनार्दन है और उसकी बेहतर ज़िंदगी ही मेरे जीवन का ध्येय है ना कि कुर्सी. यही वजह है कि आडवाणी का रथ रोकते हुए मैंने सत्ता नहीं देखी थी. मेरे ज़मीर ने कहा कि ये रथ बिहार के भाईचारे को कुचलता है तो रोक दिया रथ.''
चिट्ठी में लालू ने आरोप लगाए कि किस तरह उन्हें सीबीआई का डर दिखाया गया, उनके बेटों के ख़िलाफ़ केस किए गए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार से समर्थन प्राप्त कई संस्थान उनके पीछे लगाए गए और झूठी कहानियां बनाकर दुश्मनी निकाल रहे हैं.
चिट्ठी में आगे लिखा है, ''मैं किसी से डरकर नहीं, डटकर लड़ाई लड़ता हूं. मैं आंख में आंख नहीं जरूरत पड़ने पर आंखों में उंगली डालकर भी बात करना जानता हूं.''
उन्होंने चिट्ठी में लिखा, 'लालू आज भी ज़मीन पर ग़रीब के बीच रहता है और देखता है कि किस तरह लोगों को सताया जा रहा है. इन लोगों की परेशानी मुझे चैन से सोने नहीं देती.''
लालू प्रसाद और उनकी पार्टी की ओर से लगाए जा रहे पक्षपात और दबाव के आरोपों पर बिहार बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने ट्वीट किया, ''हमने लालू पर जो आरोप लगाए थे सच साबित हुए. सजा तो सजा होती है चाहे साढ़े तीन साल हो या सात साल.''
दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''जब लालू पर चारा घोटाला मामले में केस चल रहा था तब एआर किदवई और देव गौड़ा बीजेपी के लोग नहीं थे. हाईकोर्ट इस मामले को मॉनिटर कर रहा था. लालू अपने शासन काल के दौरान जेल गए. इसमें पक्षपात कहां से आ गया?''
बीजेपी नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, ''बिहार की जनता को न्याय मिला है. ये बिहार की जनता पैसा था. क़ानून से बड़ा कोई नहीं है.''
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