वो 'गुप्ताजी' जिनकी वजह से कट गया कुमार विश्वास का पत्ता

दिल्ली से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह, नारायण दास गुप्ता और सुशील गुप्ता को चुना है.

हालांकि इन तीन नामों की घोषणा से पहले तक कई नामों को लेकर कयास चलते रहे.

इनमें पार्टी नेता आशुतोष से लेकर राघव चड्ढा और आशीष खेतान तक के नाम शामिल थे.

पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक कुमार विश्वास ने तो सार्वजनिक तौर पर राज्यसभा की सीट के लिए दावेदारी पेश की.

आइए एक नज़र डालते हैं, इन तीनों नाम पर जिन्हें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजने का फ़ैसला किया है.

संजय सिंह

संजय सिंह उन लोगों में से हैं जिन्हें पार्टी के संस्थापक सदस्यों में गिना जा सकता है.

आम आदमी पार्टी के गठन से पहले रामलीला मैदान में चले अन्ना आंदोलन के शुरुआती चेहरों में से एक संजय सिंह केजरीवाल के भरोसेमंद लोगों में गिने जाते हैं.

मूलतः उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले के रहने वाले संजय सिंह कभी स्ट्रीट हॉकर्स के लिए मुहिम चलाकर सुर्खियों में आए थे.

एक सामाजिक कार्यकर्ता की पहचान रखने वाले संजय सिंह को आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधान सभा चुनावों में पार्टी का प्रभारी बनाया था.

नारायण दास गुप्ता

आम आदमी पार्टी के ट्विटर अकाउंट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, नारायण दास गुप्ता अमरीका में स्थित अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स के बोर्ड में चयनित होने वाले पहले भारतीय हैं.

नारायण दास गुप्ता ने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कामर्स से बी.कॉम (ऑनर्स) किया है.

साल 2001 में आए गुजरात भूकंप के वक्त नारायण ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस समय प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा फंड में 51 लाख रुपए की मदद पहुंचाई थी.

नारायण दास गुप्ता के नाम की घोषणा करते हुए मनीष सिसोदिया ने बताया कि नारायण दास चार्टर्ड अकाउंटेंड एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं.

देश की अर्थव्यवस्था पर नज़र रखने वाली कई संस्थाओं से जुड़े रहे हैं. वे नेशनल पेंशन फंड स्कीम एंड डेवलपमेंट ऑथोरिटी के ट्रस्टी भी रहे हैं.

नारायण दास को जीएसटी के विशेषज्ञ के तौर पर भी जाना जाता है और उन्होंने अर्थव्यवस्था पर कई किताबें लिखी हैं.

सुशील गुप्ता

सुशील गुप्ता कांग्रेस के नेता रह चुके हैं और साल 2013 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से मोती नगर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था.

आज आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा जाने वाले सुशील गुप्ता ने उस समय आप के ही उम्मीदवार कुलदीन सिंह चन्ना के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था.

उस समय इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार सुभाष सचदेव ने जीत दर्ज की थी. सुशील गुप्ता पिछले 25 साल से दिल्ली के पंजाबी बाग क्लब के चेयनमैन हैं.

इसके अलावा वे पिछले 13 साल से पंजाबी बाग को-ओपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं.

सुशील गुप्ता कॉलेज के दिनों में कांग्रेस की छात्र यूनिट एनएसयूआई के सदस्य रह चुके हैं, तीन महीने पहले तक वे कांग्रेस में ही थे.

आम आदमी पार्टी के ट्विटर अकाउंट में दी गई जानकारी के अनुसार सुशील गुप्ता ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काफ़ी काम किया है.

मनीष सिसोदिया ने बताया कि सुशील गुप्ता ने दिल्ली और हरियाणा में कई शैक्षणिक संस्थान शुरू किए जहां 15 हज़ार से ज़्यादा छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

इसके अलावा सुशील गुप्ता के चार बड़े चैरिटी अस्पताल भी चल रहे हैं.

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