राजसमंद वीडियोः शंभूलाल का समर्थन करने वाले तीन गिरफ़्तार

राजस्थान पुलिस ने सोशल मीडिया पर शंभू का समर्थन करने वाले तीन युवकों को गिरफ़्तार किया है.
उदयपुर के पुलिस महानिरीक्षक आनंद श्रीवास्तव ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को बताया, "सोशल मीडिया पर शंभूलाल का समर्थन करने वाले तीन युवकों को हमने अब तक गिरफ़्तार किया है."
उन्होंने कहा, "हमनें दो युवकों को उदयपुर और एक को राजसमंद से गिरफ़्तार किया है."
आनद श्रीवास्तव के मुताबिक, सोशल मीडिया पर शंभूलाल का महिमामंडन करने वाले और लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
उन्होंने बीबीसी से कहा कि पुलिस की प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखने की है और इसके लिए जो भी ज़रूरी हो किया जाएगा.

राजस्थान के राजसमंद ज़िले के रहने वाले शंभूलाल रैगर ने 6 दिसंबर को पश्चिम बंगाल से आए प्रवासी मज़दूर मोहम्मद अफ़राजुल की हत्या का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था.
हत्या के बाद जारी किए वीडियो में शंभूलाल ने लव जिहाद के ख़िलाफ़ हिंदुत्व के नाम पर हत्या करने की बात स्वीकार की थी.
पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर ही शंभूलाल को गिरफ़्तार कर लिया था.

इस हत्याकांड की ज़्यादातर लोगों ने आलोचना की है लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने शंभूलाल का समर्थन भी किया है.
राजसमंद और उदयपुर के कई व्हाट्सएप ग्रुपों में शंभूलाल की जय-जयकार की गई है और उनका समर्थन करने की अपील भी की गई है.
वहीं दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजसमंद के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने शंभूलाल की पत्नी को 51 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी है.
सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि शंभूलाल बेरोज़गारी की वजह से परेशान थे और उनके परिवार की आर्थिक हालत बेहद ख़राब है इस वजह से उनकी आर्थिक मदद की है.
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