You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मध्य प्रदेश का प्रस्तावित रेप क़ानून कितना सख़्त?
बारह साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ हुए बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा तय करने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा ने हाल ही में 'दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक' पारित किया है.
इस कानून के मुताबिक 12 साल या इससे कम उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार के मामलों में अपराध सिद्ध होने पर दोषियों को कम से कम 14 साल की क़ैद और अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकती है.
सऊदी अरब और उत्तर कोरिया की कतार में
मध्य प्रदेश विधान सभा में संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद इस पर बहस छिड़ गई है. माना जा रहा है कि कुछ अन्य जगहों पर भी ऐसी ही मांगें उठ सकती हैं.
अगर पूरे देश में ये प्रावधान लागू किया गया तो भारत बलात्कार के मामले में मृत्यु दंड देने वाले उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, चीन, मिस्र, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों की कतार में शामिल हो जाएगा.
सऊदी अरब में अपराधी का सर काटकर सार्वजानिक तौर पर हत्या की जाती है जबकि अफगानिस्तान में आरोपी का दोष सिद्ध होने के हफ्ते भर के भीतर ही गोली मार दी जाती है.
नार्थ कोरिया में बलात्कार के अपराधियों की सैनिक दस्ते द्वारा गोली मारकर हत्या की जाती है जबकि चीन में उन्हें नपुंसक बनाकर हत्या करने का प्रवधान है.
मिस्र और ईरान में फांसी पर लटका कर सजा-ए-मौत देने का प्रावधान है.
मध्य प्रदेश में बलात्कार
फिलहाल राष्ट्रपति के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे गए इस विधेयक के कानून बनते ही मध्य प्रदेश नाबालिगों के साथ हुए बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा घोषित करने वाला पहला भारतीय राज्य बन जाएगा.
यहाँ गौरतलब है कि हाल में जारी किए गए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ताज़ा आकड़ों के मुताबिक साल 2016 में बलात्कार के सबसे अधिक मामले मध्य प्रदेश में ही दर्ज किये गए.
जस्टिस वर्मा कमेटी
2013 में जस्टिस वर्मा कमेटी के सुझावों के आधार पर पारित 'क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट -2013' के लागू होने के बाद से भारत में बलात्कार की अधिकतम सजा 14 वर्ष की कैद कर दी गई है.
इस संशोधित कानून के आधार पर ही सिर्फ जघन्यतम मामलों में साक्ष्यों और अपराधी के नीयत का संज्ञान लेते हुए अदलात फांसी की सजा भी सुना सकती है.
पर मध्य प्रदेश विधान सभा द्वारा पारित इस नए विधेयक के कानून बनते ही 12 या 12 वर्ष से कम उम्र की लड़की से बलात्कार के मामले में अदालत अपराध सिद्ध होने पर सीधे सजा-ए-मौत सुना सकती है.
गौरतलब है की दुनिया के दो-तिहाई से भी अधिक देशों में मृत्यु दंड का प्रवधान समाप्त हो चुका है. अपने पक्ष और विपक्ष दोनों में समर्थकों और तर्कों की लम्बी फेहरिस्त लिए, मृत्यु दंड भारत में भी एक विवादस्पद विषय है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)