प्रेस रिव्यूः सरकारी बैंकों ने बट्टे खाते में डाले 55 हज़ार करोड़ रुपये

इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पन्ने पर एक कहानी प्रकाशित की है जिसमें कहा गया है कि सरकारी बैंकों ने चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में 55 हज़ार 356 करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ़ किए हैं.

ये कर्ज़ माफ़ी पिछले साल इसी समय सीमा में माफ़ किए गए कर्ज़ से 54 फ़ीसदी ज़्यादा है.

अख़बार लिखता है कि आर्थिक मंदी के मद्देनज़र बहुत सी कंपनियां और प्रमोटर कर्ज़ नहीं चुका पाए, जिनके कर्ज़ माफ़ करके बैंक अपना बहीखाता सुधारने में लगे हुए हैं.

टाइम्स आफ इंडिया की एक ख़बर के अनुसार, चुनाव आयोग ने कहा है कि गुजरात के 182 विधानसभा क्षेत्रों में हर क्षेत्र के मतदान केंद्र पर हुई वोटिंग का ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों से मिलान किया जाएगा.

इससे एक दिन पहले ही विपक्ष ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की थी.

द हिंदू की एक ख़बर के अनुसार, जब भारत सरकार म्यांमार के साथ संबंध सुधारने की कोशिश कर रही है, तभी भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने ये कह कर उहापोह की स्थिति पैदा कर दी है कि भारतीय सैन्य टुकड़ियों ने 2015 में एक सैन्य अभियान के लिए सीमा पार की थी.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, नए डायरेक्ट टैक्स कोड निर्धारित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा गठित कमेटी ने आय कर कम करने और इसका दायरा बढ़ाने का सुझाव दिया है.

सरकार आयकर से सकल घरेलू उत्पाद का 18 प्रतिशत इकट्ठा करना चाहती है जो कि फ़िलहाल 5.6 प्रतिशत है.

द स्टेट्समैन की एक ख़बर के अनुसार, भारत के लिए रणनीतिक महत्व वाले चाबहार बंदरगाह की औपचारिक शुरुआत हो गई है.

ईरान में बने इस बंदरगाह का वहां के राष्ट्रपति ने रविवार को उद्घाटन किया. इस बंदरगाह के ज़रिए भारत बिना पाकिस्तान के ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध रख सकता है.

जनसत्ता की एक ख़बर के अनुसार, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड बताए जाने वाले हाफ़िज सईद के संगठन जमात-उद-दावा की राजनीतिक पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग, अगले साल पाकिस्तान में होने वाले आम चुनावों में हिस्सा लेगी.

हालांकि अभी चुनाव आयोग में लीग का पंजीकरण होना है. लश्कर ए तैयबा को प्रतिबंधित किए जाने के बाद हाफ़िज सईद ने जमात-उद-दावा बनाया था.

नवभारत टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, वित्त मंत्री अरुण जेटली अगले साल एक फ़रवरी को देश का आम बजट पेश करेंगे.

जीएसटी लागू होने के बाद यह देश का पहला बजट होगा. संसद का संयुक्त सत्र 30 जनवरी को होगा.

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