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हैदराबाद में हर कोई कह रहा 'इवांका मेरी गली भी आओ'
सोमवार को एक स्थानीय नेता ने ट्वीट किया, ''अभी हैदराबाद में दो तरह की सड़कें हैं- एक इवांका ट्रंप रोड और दूसरा सामान्य रोड.''
भारत के दक्षिणी राज्य तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद को एक वैश्विक व्यापार सम्मेलन के लिए सजाया गया है. इस तीन दिवसीय सम्मेलन में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप भी पहुंची हैं.
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि इवांका की अगवानी को लेकर शहर में कई तरह के परिवर्तन किए गए हैं. सड़कों की मरम्मत हुई है और उन्हें चमकाया गया है.
इवांका ट्रंप अपने पिता और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सलाहकार भी हैं. 28 से 30 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में इवांका के नेतृत्व में अमरीकी प्रतिनिधिमंडल आया है.
इवांका के आने की तैयारी हैदराबाद में हफ़्तों से हो रही थी. हैदराबाद का स्थानीय प्रशासन इवांका की अगवानी की तैयारी में युद्धस्तर पर लगा रहा. जिस सड़क से इवांका का क़ाफ़िला गुज़रना है उसका कायाकल्प कर दिया गया.
सड़कों के गड्ढे भर दिए गए और गंदगी के नामोनिशान मिटा दिए गए.
सड़क पर लगे डिवाइडरों को रंगा गया है. ऐसा लग रहा है सड़कों का कायापलट कर दिया गया है. ज़ेब्रा क्रॉसिंग की पहचान मिट गई थी, वो अब अलग से ही अपनी पहचान ज़ाहिर कर रहा है.
कई स्थानों पर पेड़ों को भी कई रंगों में रंगा गया है. इससे पहले पुलिस ने शहर से भिखारियों को हटा दिया था.
प्रशासन ने लोकप्रिय और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों से भिखारियों को हटाने में काफ़ी तत्परता दिखाई थी. इसके साथ ही बसों और रेलवे स्टेशनों से भी भिखारियों को हटाया गया था.
सारे भिखारियों को रैनबसेरों में शिफ्ट कर शहर को भिखारी मुक्त घोषित कर दिया गया.
आलोचकों का कहना है कि प्रशासन ने यह क़दम इवांका ट्रंप के कारण उठाया है. हालांकि प्रशासन इस बात से इनकार करता है.
सड़कों पर तारकोल की चमक और गड्ढा मुक्त होना कोई संयोग नहीं है. ऐसा उन्हीं सड़कों के साथ किया गया है जहां इवांका के गुज़रने की उम्मीद है. इन सड़कों की तुलना शहर की बाक़ी सड़कों से की जा सकती है.
ऐसे में शहर के लोग पोस्टर और होर्डिंग लेकर इवांका से अनुरोध कर रहे हैं कि वो उनके इलाक़े से भी होकर निकलें ताकि उनकी सड़क भी अच्छी हो जाए.
एक स्थानीय निवासी की सलाह है कि हैदराबाद में भी एक ट्रंप टावर का निर्माण किया जाए. उनका कहना है कि अगर ऐसा होगा तो इवांका ट्रंप हैदराबाद आती रहेंगी और सड़कें दुरुस्त रहेंगी.
शहर में स्टैंडअप कॉमेडी करने वाले राजशेखर ने भी इस पर चुटकी ली है. उन्होंने एक वीडियो बनाया है और उसमें बताया है कि वो ख़ुशकिस्मत हैं कि उनके इलाक़े से इवांका गुज़र रही हैं.
राजशेखर ने कहा कि इवांका के वो शुक्रगुज़ार हैं क्योंकि उन्हीं की वजह से सड़क बन गई. उन्होंने कहा है कि इतनी तेज़ी से सड़कों की मरम्मत तो उन्होंने केवल फ़िल्मों में देखी थी.
हैदराबाद को एक किले में तब्दील कर दिया गया है. तीन दिनों के लिए शहर में दस हज़ार पुलिस ऑफिसरों की तैनाती की गई है. तेलंगाना की सरकार का कहना है कि उसने इस सम्मेलन पर आठ करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
हालांकि अभी साफ़ नहीं है कि सड़कों की मरम्मत पर कितना खर्च किया गया है.
राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री केटी रामा राव का कहना है कि सड़कों की मरम्मत इवांका के लिए नहीं है बल्कि मॉनसून से पहले की रूटीन मरम्मत है.
इसकी वजह चाहे जो भी हो, लेकिन हर कोई ख़ुश नहीं है. देवेंद्र रेड्डी नाम के एक टैक्सी ड्राइवर ने कहा, ''केवल मुख्य सड़क का इस्तेमाल इवांका ट्रंप करेंगी और उसी को ठीक किया गया है.'' देवेंद्र का कहना है कि हैदराबाद की सड़कों से गड्ढे ख़त्म नहीं हुए हैं.