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अभिनेताओं का नेता बनना देश का दुर्भाग्य: प्रकाश राज
दक्षिण भारतीय अभिनेता प्रकाश राज ने रविवार को किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ने की बात कही है. उन्होंने अभिनेताओं के राजनीतिक पार्टियों से जुड़ने को भी ग़लत बताया है.
प्रकाश राज ने ये बयान ऐसे समय पर दिया है जब कमल हासन ने राजनीति में उतरने की घोषणा कर दी है.
कमल हासन ने हाल ही में कहा है कि वो राजनीति में आकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं ताकि जनता के बीच फैले भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता को खत्म कर सकें.
वहीं, तमिल सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता रजनीकांत के भी राजनीति में उतरने के आसार नज़र आ रहे हैं.
इस बारे में चेन्नई में आठ साल बाद अपने फैन्स के लिए आयोजित चार दिन के दरबार के आख़िरी दिन उन्होनें कहा कि "सही समय का इंतज़ार करें." इससे पहले भी उन्होंने इसी सम्मेलन में कहा था कि 'ईश्वर ने चाहा तो वो राजनीति में उतर सकते हैं.'
नेताक्यों बने अभिनेता?
प्रकाश राज ने कहा है, "किसी अभिनेता का नेता बनना मेरे देश का दुर्भाग्य है. मैं किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ रहा हूं. मैं अभिनेताओं के राजनीति में आने को सही नहीं मानता क्योंकि वे अभिनेता हैं और उनके प्रशंसक हैं. उन्हें अपने प्रशंसकों के प्रति ज़िम्मेदारी का पता होना चाहिए."
प्रकाश राज इससे पहले कमल हासन का समर्थन कर चुके हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ''धर्म, संस्कृति और नैतिकता के नाम डर फैलाना आतंकवाद नहीं है तो फिर असल में ये है क्या?... सिर्फ पूछ रहा हूं.''
प्रकाश राज ने ट्वीट में आगे लिखा, ''अगर नैतिकता के नाम पर मेरे देश की सड़कों पर जोड़ों को गाली देना और धमकाना आतंकित करना नहीं है... अगर क़ानून हाथ में लेना और लोगों को गौहत्या के शक में मार डालना आतंकित करना नहीं है... अगर गालियों के साथ ट्रोल करना, धमकी देना आतंकित करना नहीं तो असल में क्या है?''
जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज का ये ट्वीट ऐसे मौके पर आया है जब कमल हासन के एक लेख पर बहस चल रही थी.
अपने लेख में कमल हासन ने लिखा था कि अब 'सत्यमेव जयते' से लोगों का विश्वास उठ गया है. "सत्य की ही जीत होती थी, लेकिन अब ताक़त की ही जीत होती है ऐसा बन गया है. इससे लोग अमानवीय हो गए हैं."
तमिल राजनीति में सिनेमा
तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा के बीच संगम द्रविड़ आंदोलन के दौर का है. तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास पर नज़र डालें तो अब तक तीन फिल्म स्टार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ चुके हैं.
तमिल राजनीति में अब तक कई बड़े नाम सिनेमा और कला क्षेत्रों से आ चुके हैं. इनमें सी एन अन्नादुरई, एम. करुणानिधि, एमजीआर और जयललिता शामिल हैं. और बीते चार दशकों तक इन नामों ने तमिल राजनीति पर राज किया है.
जयललिता से लेकर एमजीआर और करुणानिधि की राजनीतिक सफलता में सिनेमा का ख़ासा योगदान रहा है.
सोशल मीडिया पर मिला समर्थन
उधर सोशल मीडिया यूज़र्स ने प्रकाश राज के बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं.
ट्विटर यूज़र शांतनु नामदेव कहते हैं, "प्रकाश राज ने जो कहा है वह सही है. एक अभिनेता नेता क्यों बनना चाहता है. क्योंकि उसके फैंस हर जगह हैं. उनके प्रशंसक उनकी एक्टिंग की वजह से हैं ना कि उनकी राजनीतिक विचारधारा की वजह से."
वहीं, ट्विटर यूज़र नूर इफ़ाह प्रकाश राज से सिनेमाई पर्दे पर राजनेताओं के रोल करते रहने की मांग कर रही हैं.
नूर कहती हैं, "सर, आप प्लीज़ स्क्रीन पर राजनेताओं की शानदार एक्टिंग करते रहिए और कभी भी राजनीति जैसे गंदे पेशे को मत अपनाएं."
ट्विटर यूज़र प्रदीप सेठी कहते हैं, "अभिनेताओं का नेता बनना देश का दुर्भाग्य है...क्या प्रकाश राज कमल हासन पर निशाना साध रहे हैं."
ट्विटर यूज़र प्रशांत मिश्र ने इस मुद्दे पर कमेंट करते गुए लिखा है, "#PrakashRaj अभिव्यक्ति की आज़ादी इस देश में इतनी है कि इस देश से कई बांग्लादेश और पाकिस्तान बन सकते हैं.
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