खाएं, जश्न मनाएं पर ज़रा सोच समझ कर!
- Author, सर्वप्रिया सांगवान
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत त्योहारों और शादियों का देश है. इतने बड़े देश में साल भर दोनों चलते रहते हैं तो ज़ाहिर है पकवान का भी कोई एक सीज़न नहीं होता.
ज़्यादातर मौक़ों पर हम ख़ुशी में बहक जाते हैं और बिना सोचे-समझे सेहत की परवाह किए बगैर ज़्यादा खा लेते हैं.
तो एक तरफ जहां नाच-कूद रहे थे, अगले दिन बदहज़मी से बेहाल या जी मिचलाने से परेशान.
बार-बार ये समस्या आपको परेशान ना करे या हर बार आपको डॉक्टर के पास ना भागना पड़े, इसके लिए बीबीसी ने सर गंगाराम अस्पताल की डाइट विशेषज्ञ डॉक्टर मुक्ता वशिष्ठ से बात की.

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सबसे पहले क्या करें?
नींबू पानी(बिना चीनी) में थोड़ा शहद और चुटकी भर हल्दी मिलाकर पिएं. चाहें तो इसे हमेशा सुबह पीने की आदत डालें. ये हमेशा आपके हाज़मे को ठीक रखेगा और कई दूसरी पेट की बीमारियों से भी बचाएगा.
बादाम, अखरोट, का़जू को अपनी डाइट में शामिल करें. वज़न के हिसाब से कम या ज़्यादा ले सकते हैं. जैसे वज़न ज़्यादा है तो मात्रा थोड़ी कम रखें. ये आपको कार्बोहाइ़ेट पचाने में मदद करेगा.
फल ज़्यादा से ज़्यादा लें. लेकिन खाने से आधे या एक घंटा पहले खाएँ. खाने के बाद फल लेने से कोई फायदा नहीं होता है. कई लोग कटे हुए फल ऑफिस लेकर चले जाते हैं, ऐसा ना करें. जिस वक्त फल काटें, उसी वक्त खाएं. फलों से आपको एंटी-आक्सीडेंट, विटामिन, मिनरल मिलते हैं जो आपको बीमारियों से बचाकर रखते हैं.
ग्रीन-टी रोज़ पिएं. अगर दिन में 2 बार ग्रीन-टी में आधा चम्मच दाल-चीनी मिला कर पिएंगे तो ये डायबिटीज़ को भी कंट्रोल में रखेगा.
छाछ या लस्सी भी डाइट में रख सकते हैं. फलों का जूस पिएं तो ताज़ा जूस पिएं बजाए डिब्बाबंद जूस के.
जब तक भारीपन, बदहज़मी महसूस कर रहे हैं तब तक तला हुआ खाना बिल्कुल ना खाएं.
अगर इस डाइट को रेगुलर रखा जाए तो हम काफी हद तक खुद को स्वस्थ रख सकते हैं.

कामकाज़ी लोग कम से कम ये ज़रूर करें
- सुबह नींबू पानी, ग्रीन-टी या हर्बल टी ज़रूर लें.
- बादाम, अखरोट, काजू ऑफिस के लिए रख लें. साथ ही बिना कटा हुआ कोई एक फल.
- नाश्ते के बिना घर से ना निकलें. एक कप दूध, 2 ब्रेड और कोई एक भी प्रोटीन युक्त फूड लें जैसे अंडा. अगर शाकाहारी हैं तो पनीर से बना खाना या दही खा सकते हैं. सुबह 9 बजे से पहले नाश्ता करना फायदेमंद है.
- दिन में एक से ज़्यादा चाय ना पिएं और मीठे का भी ध्यान रखें.
- तला हुआ खाना कम से कम खाएं.
- एक्सरसाइज़, योग या पैदल ज़रूर चलें. कम से कम 10 हज़ार कदम रोज़ चलें.













