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भोपाल में ट्रांसजेंडरों का टॉयलेट
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अब ट्रांसजेंडरों (किन्नर) के लिए अलग से एक शौचालय शुरू हो गया है. भोपाल नगर निगम का दावा है कि यह देश का पहला शौचालय है जो ट्रांसजेंडरों के लिए बनाया गया है.
एक अनुमान के मुताबिक यहां पर तक़रीबन तीन हज़ार किन्नर हैं जो पुराने शहर के मंगलवारा और बुधवारा क्षेत्र में रहते हैं.
भोपाल नगर निगम का दावा है कि इन्हीं को ध्यान में रखकर मंगलवारा क्षेत्र में इस सर्व सुविधायुक्त शौचालय का निर्माण किया गया है ताकि किन्नर अपनी जरूरतों के पूरा कर सकें.
किन्नर सुबह से अपने घर से निकल जाते हैं और शहर के अलग-अलग इलाक़ों में नाच-गाकर या फिर विवाह या संतान होने वाले घरों से मांग कर अपना गुज़र-बसर करते हैं.
किन्नरों के शौचालय का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हमारी कोशिश रही है कि हम समाज के हर वर्ग को बराबर का दर्जा दें. यही वजह है कि किन्नरों को भी दूसरे लोगों की तरह ही माना जा रहा है.."
हर कोई करता था ऐतराज़
शहर में किन्नरों के एक गुट की अगुवाई करने वाली सुरैया नायक कहती हैं, "सरकार की पहल बहुत अच्छी है. इससे हमारी एक बहुत बड़ी ज़रूरत पूरी होगी. किन्नर किसी भी शौचालय में ऐसे नहीं जा सकते थे, पुरुष और महिलाएं दोनों ही ऐतराज़ करते हैं."
2014 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए.
भोपाल महापौर आलोक शर्मा कहते हैं, "शहर की व्यवस्था को देखते हुए हमारी लिए ये ज़रूरी है कि हम समाज के हर वर्ग की परेशानी को दूर करें. यह क़दम भी उसे ही ध्यान में रखकर उठाया गया है."
इसकी ख़ासियत यह है कि यहां पर किन्नर न सिर्फ शौच के लिये जा सकते हैं, बल्कि उनके लिये वॉशरूम और एक मेकअप रूम भी बनाया गया है.
लेकिन ऐसा नहीं है कि हर कोई इससे ख़ुश हो, कुछ किन्नर ऐसे हैं जिनका मानना है कि ज्यादातर किन्नरों के घर इसी क्षेत्र में है. इसलिये वो घर के शौचालय का उपयोग करेंगे. इसे नगर निगम को दूसरे क्षेत्र में बनाना था ताकि उसका उपयोग सही तरह से हो सके.
मध्य प्रदेश वो राज्य है जिसने देश को पहला किन्नर विधायक दिया था. 1998 में दिग्विजय सिंह की सरकार के वक़्त शबनम मौसी शहडोल ज़िले के सुहागपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत कर विधानसभा पहुंची थी.
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