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नज़रिया: पर्दे का जादू सियासत में दिखा पाएंगे कमल हासन
- Author, सुधा जी तिलक
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़ के लिए
तमिलनाडु की राजनीति में एक नए नेता के लॉन्च की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और वो नेता हैं कमल हासन.
कमल हासन भारतीय सिनेमा जगत के स्टार रहे हैं और ये एक इत्तेफ़ाक ही है कि तमिलनाडु में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अब तक तीन फिल्म स्टार बैठ चुके है.
कमल हासन 62 साल के हैं. उन्हें उनके फ़ैन 'उलंगा नायगन' कहते हैं जिसका मतलब होता है 'विश्व का हीरो.'
कमल हासन ने ये ख़ुद कहा है कि वो राजनीति में आकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं ताकि जनता के बीच फैले भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता को खत्म कर सकें.
उनके मुताबिक तमिलनाडु की जनता को बदलने की ज़रूरत है ताकि वो और ज़्यादा सामाजिक और राजनीतिक रूप से समझदार हो सके.
तमिलनाडु में राजनीतिक अनिश्चितता
दिसंबर, 2016 में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद बने राजनीतिक अनिश्चितता के आलम में कमल हासन की तरफ़ से ये बयान अपने आप में बड़ी बात है.
राजनीति में आने के कमल हासन के बयान पर चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या वो अपनी अलग पार्टी बना कर तमिलनाडु की राजनीति में नई लहर पैदा करेंगे?
कमल हासन पिछले महीने कई नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं और उनका कहना है कि 'अगर राज्य में अगले 100 दिनों में चुनाव होते हैं तो मैं उसमें ज़रूर हिस्सा लूंगा.'
रजनीकांत से नहीं है प्रतिस्पर्धा
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद दिए साक्षात्कार में कमल हासन ने ये भी साफ़ किया कि वो इनकी पार्टियों के साथ भविष्य में गठबंधन की संभावनाएं तलाश रहे हैं.
तमिल फ़िल्मों के दूसरे सुपरस्टार रजनीकांत के उलट कमल हासन राजनीतिक पार्टियों से अपने संबंधों पर खुलेआम बोलते आए हैं. रजनीकांत ने इसी साल मई में राजनीति में आने की बात कही थी.
अपने और रजनीकांत के रिश्तों के बारे में बोलते हुए हासन कहते हैं कि दोनों के बीच दोस्ताना प्रतिस्पर्धा होगी और वो एक दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करेंगे, जैसे कि पहले तमिलनाडु की राजनीति में होता रहा है.
भगवान नहीं हैं कमल हासन
तमिलनाडु में जिस तरह का भ्रष्टाचार है, साम्प्रदायिक और जातिगत शत्रुता है, उस माहौल में कमल हासन की छवि एक सही सोच वाले व्यक्ति की है.
उनकी उदारवादी छवि है जो जाति से जुड़ी रूढ़िवादी सोच को न सिर्फ़ अपनी फ़िल्मों में बल्कि सार्वजनिक मंचों पर खुलेआम चुनौती देते हैं और अपनी फ़िल्मों में उन्होंने धर्म के ऊपर मानवता को जगह दी. ये दोनों बातें उनको रजनीकांत और एमजी रामचन्द्रन से अलग करती हैं.
कमल हासन को बतौर हीरो रजनीकांत और एमजी रामचन्द्रन ( जो आगे चल कर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने) की तरह वहां भगवान नहीं माना जाता है.
तमिलनाडु की राजनीति में फ़िलहाल राजनीतिक नेतृत्व की कमी है. इस सूरत में कमल हासन की एंट्री को नापसंद नहीं किया जा रहा है. हालांकि कुछ लोगों को इसका शक था.
फ़ैंस में असर
कमल हासन के फ़ैन्स की संख्या 5,00,000 के क़रीब है जो एक व्यवस्थित तरीके से समुदायिक सोच के साथ काम करते हैं.
हालांकि ये संख्या रजनीकांत के फ़ैन्स से बहुत कम है. रजनीकांत के 50,000 से ज़्यादा फ़ैन क्लब्स हैं और साथ ही बहुत बड़ा फ़ैन बेस है जो अपने आप में एक वोट बैंक की तरह काम करता है.
कमल हासन के फ़ैन क्लब को 'नरपानी इयेक्कम' कहा जाता है. इसका मतलब होता है 'अच्छे काम के लिए आंदोलन.' उनके फ़ैन क्लब कई तरह के सामाजिक कल्याण के काम करते है पर रजनीकांत फ़ैन क्लब की तरह अपने स्टार की पूजा में विश्वास नहीं रखते हैं.
हाल ही में कमल हासन के फ़ैन क्लब की तरफ़ से जारी एक बयान में साफ़ लिखा गया है, "कमल हासन आम राजनेता नहीं हैं, जो लोगों के सामने नाटक करते हों, पर समाज के लिए उन्होंने इयेक्कम के ज़रिए कई काम किए हैं."
जनता के बीच अपील
कमल हासन ट्वीटर पर भी सक्रिय हैं. उनको 20 लाख लोग फ़ॉलो करते हैं. हाल ही में दिए, प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और नोटबंदी की तारीफ़ वाले उनके इंटरव्यू पर भी लोगों ने कई सवाल उठाए.
चेन्नई के एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं, "हालांकि अक्सर वो साफ़ बोलते हैं. लेकिन कभी-कभी स्तब्ध कर देने वाली बातें भी कह जाते हैं. ये जनता को अपील नहीं करती."
एक राजनीतिक जानकार का कहना है, "वो रजनीकांत की तरह चतुर हैं, लेकिन कभी कभी पहेली वाली भाषा में बात करते है, जो आम जनता के समझ से परे होती है."
जो लोग तमिलनाडु की राजनीति को समझते हैं, उनके मुताबिक कमल हसन स्पष्ट बोलते हैं, लेकिन उनमें कूटनीति की कमी है, जिसकी राजनीति में सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है.
पारिवारिक पृष्ठभूमि
हासन ने अभी तक ये साफ़ नहीं किया है कि राज्य में शिक्षा, अर्थव्यवस्थआ और रोज़गार के क्षेत्र में किस तरह का काम करेंगे. न ही उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि वो अपनी नई पार्टी बनाएंगे या नहीं.
कमल हासन तमिलनाडु में वकीलों के उच्च ब्राह्मण परिवार से आते हैं. उनके गांव का नाम परामाकुडी है. हासन के बड़े भाई चारू हासन और भांजी सुहासिनी मणिरत्नम राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं.
पिछले पचास सालों में उन्होंने जो कुछ हासिल किया है वो उनकी असाधारण प्रतिभा और जुनून को दर्शाता है.
बाल कलाकार के तौर पर उन्होंने 1960 में पहली फ़िल्म की और अब तक अलग-अलग भाषाओं में 200 से ज़्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं.
फ़िल्मी पर्दे का जादू
कमल हासन कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड भी जीत चुके हैं. उन्होंने कई फ़िल्मों में गाना भी गाया है. वो शास्त्रीय संगीत और भरतनाट्यम में भी कुशल हैं.
उनकी कई फ़िल्मों से विवाद भी जुड़ा रहा है. उन्होंने अलग-अलग विषय पर कई फ़िल्में भी की हैं जैसे आतंकवाद के खिलाफ जंग पर फिल्म 'विश्वरूपम', मुस्लिम पहचान और मानवता दिखाती हुई फिल्म 'हे राम' और आस्था पर सवाल उठाती हुई फिल्म 'दशावतारम' और 'अनबे शिवम'.
लेकिन ये देखना होगा कि क्या कमल हासन के पर्दे पर निभाए गए किरदार उनको वोट दिला पाते हैं, क्या वो राजनीति में फ़िल्मी पर्दे का जादू बरकरार रख पाते हैं?
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