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सिरसा: डेरे के भीतर गुस्सा और डर भी
- Author, शालू यादव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय के पास चप्पे-चप्पे पर पुलिस है और सेना की तैनाती भी की गई है.
पुलिस और प्रशासन ने बाबा राम रहीम के समर्थकों से डेरा खाली करने की अपील की है लेकिन अभी भी वहां बड़ी तादाद में लोग मौजूद हैं.
रविवार को सिरसा में कर्फ्यू में कुछ घंटों के लिए ढील दी गई. इस दौरान बीबीसी की टीम ने डेरा सच्चा सौदा के क़रीब एक हज़ार एकड़ में फैले परिसर का दौरा किया.
बीबीसी का दल पिछले रास्ते से डेरे के अंदर दाख़िल हुआ. डेरे के अंदर अभी भी बड़ी तादाद में लोग मौजूद हैं. इनमें से कुछ डरे हुए हैं जबकि ज़्यादातर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गुस्से में हैं.
डेरा परिसर में अस्पताल, स्कूल, दुकानें, मॉल और फैक्ट्रियां तक हैं.
सिनेमाघर में राम रहीम की फिल्में
यहां एक सिनेमाघर भी हैं जिसमें बाबा राम रहीम की फ़िल्में चल रही हैं. यहां दुकानों पर एमएसजी मार्का के उत्पाद बिक रहे हैं.
डेरा अपने आप में एक पूरा शहर हैं जहां किसी भी शहर की तरह अपनी नागरिक सेवाएं भी हैं.
बीबीसी के दल ने डेरा सच्चा सौदा के मीडिया सेंटर का भी दौरा किया जहां कई स्क्रीनों पर देश और दुनिया के टीवी चैनल चल रहे थे.
एक दल हर मीडिया चैनल की कवरेज पर नज़र रखे हुए था.
डेरे के भीतर के लोगों ने बीबीसी दल के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया लेकिन ये चेतावनी ज़रूर दी कि डेरे के बाहर सुरक्षा की गारंटी वो नहीं लेंगे.
जैसे ही हम मुख्य द्वार से बाहर निकले, उग्र भीड़ ने हमें घेर लिया.
हिंसक भीड़ में कुछ समझदार लोग
ये भीड़ हिंसक रूप अख़्तियार कर रही थी लेकिन जब हमने अपना परिचय दिया और बीबीसी की निष्पक्षता की दुहाई दी तब भीड़ में शामिल कुछ समझदार लोगों ने किसी तरह निकलने में मदद की.
रविवार को भी डेरा सच्चा सौदा परिसर के पास पत्रकारों से मारपीट की गई थी.
जिस तरह के हालात थे, उनमें हमारे साथ भी हिंसा हो सकती थी लेकिन भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने हालात को बिगड़ने से बचा लिया और हम वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे.
बीते दो दिनों में बाबा के हज़ारों समर्थक डेरा सच्चा सौदा परिसर से अपने घरों को लौटे हैं.
जो लोग डेरे से निकल रहे हैं उनकी पुलिस गहन तलाशी ले रही हैं ताकि डेरे के भीतर से कोई हथियार लेकर बाहर न आ पाए.
मीडिया को लेकर बहुत ज़्यादा गुस्सा
पुलिस की कड़ी जांच-पड़ताल को लेकर बाबा के समर्थकों में गुस्सा है. जब हमने डेरा समर्थकों से बात करने की कोशिश की तो अधिकतर ने चुप्पी साध ली लेकिन जो हो रहा है उसे लेकर उनका गुस्सा साफ़ नज़र आया.
बाबा के अधिकतर समर्थकों में मीडिया को लेकर बहुत ज़्यादा गुस्सा है. बाबा के समर्थक कहते हैं कि डेरे में सबकुछ बिलकुल ठीक चल रहा है और जो चैनलों पर दिखाया जा रहा है वो सच नहीं है.
बाबा के एक समर्थक कहते हैं, "हमारा शांति का मार्ग है. हमें अपना नाम जपना है, दंगा फ़साद नहीं करना है. किसी संपत्ति को कोई नुक़सान नहीं करना है. नेताओं ने संतों के साथ धोखा किया है."
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