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ये 7 लोग नहीं होते तो गुरमीत राम रहीम को सज़ा नहीं हो पाती
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रोहतक के जेल में सोमवार बलात्कार के 15 साल पुराने मामले में 20 साल की सज़ा सुनाई गई.
लेकिन राजनीतिक रूप से प्रभावशाली गुरमीत राम रहीम को इस मामले में दोषी ठहराया जाना इतना आसान नहीं था.
जान जोख़िम में डालकर अपने साथ हुए अन्याय की लड़ाई लड़ने वाली दो साध्वियों से लेकर सीबीआई के जांच अधिकारियों तक ने इस मामले में बेहद बड़ा ख़तरा मोल लिया है.
जानिए, कौन थे ये लोग जिनकी वजह से बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए गुरमीत राम रहीम.
1 - वो दो साध्वियां जिन्होंने अपनी परवाह नहीं की
इस मामले में दो साध्वियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक गुमनाम पत्र लिखा. इस पत्र में उन्होंने अपने साथ हुए अन्याय का जिक्र किया.
2 - साध्वी के भाई रंजीत सिंह ने दी जान
साध्वियों की ओर से गुमनाम पत्र जारी होने के बाद डेरा समर्थकों को एक साध्वी के भाई रंजीत सिंह पर शक हुआ. इसके दो महीने बाद कथित रूप से डेरा समर्थकों ने रंजीत सिंह की जान ले ली.
3 - पत्रकार रामचंद्र छत्रपति
साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने अख़बार पूरा सच में पहली बार इस रेप केस की जानकारी दी थी. साध्वी के साथ हुए कथित रेप की खबर प्रकाशित करने के कुछ महीने बाद ही छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
4 - जांच अधिकारी सतीश डागर और मुलिंजो नारायनन
सीबीआई बीते कई सालों से गुरमीत राम रहीम के ख़िलाफ़ जांच कर रही थी. इस दौरान सीबीआई पर कई बार उच्चाधिकारियों से लेकर राजनीतिक स्तर पर दबाव बनाए गए. लेकिन सीबीआई के जांच अधिकारी सतीश डागर और मुलिंजो नारायनन ने किसी दवाब की परवाह किए बिना इस मामले में जांच जारी रखी.
5 - सीबीआई जज जगदीप सिंह
अपने ईमानदार स्वभाव और सख़्त मिज़ाज के लिए चर्चित सीबीआई जज जगदीप सिंह ने इस हाई प्रोफ़ाइल मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराया है. जगदीप सिंह ही सोमवार को रोहतक की जेल में गुरमीत राम रहीम सिंह को सज़ा सुनाएंगे.
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