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'खिलौने बेच बंदूक तानने वाले चीन का बहिष्कार'
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत और चीन के बीच सिक्किम सेक्टर में बने तनाव के बीच मथुरा सहित ब्रजक्षेत्र के प्रमुख मंदिरों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर चीन में बने सामान के बहिष्कार का फ़ैसला किया है.
मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मस्थान समेत प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी मंगलवार को मनाई जा रही है.
इस अभियान की पहल करने वाले श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के सचिव कपिल शर्मा कहते हैं कि मथुरा-वृंदावन समेत ब्रज क्षेत्र के सभी मंदिरों ने इस पहल को समर्थन दिया है और मंदिर में आने वाले लोगों से भी ये अपील की जा रही है.
इसके लिए बैनर और पोस्टर भी लगाए गए हैं.
कपिल शर्मा कहते हैं, "हमारे बच्चों को खिलौने बेचकर धन कमाने वाला चीन यदि उसी पैसे से बंदूक बनाकर उनके सीने पर ताने तो उसके सामान का बहिष्कार करना ही चाहिए."
क्या मंदिरों में चीन का बना सामान इस्तेमाल होता है, इस सवाल पर कपिल शर्मा कहते हैं, "चीन पूरे विश्व की फैक्ट्री बन चुका है. हो सकता है कि चीनी सामान मंदिरों में भी प्रयोग होता हो. हमारी इस पहल का ब्रज के सभी मंदिरों ने स्वागत किया है और सभी ने चीनी सामान का बहिष्कार किया है."
मथुरा के एक अन्य मंदिर द्वारिकाधीश के अधिकारी श्रीधर चतुर्वेदी कहते हैं कि उनके मंदिर में बाहर का कोई सामान इस्तेमाल नहीं होता लेकिन वो भी बहिष्कार को समर्थन दे रहे हैं.
चतुर्वेदी कहते हैं कि भारत के त्योहारों पर चीन का कब्ज़ा हो गया है.
वो कहते हैं, "चीन का सामान सस्ता होता है. इसलिए लोग उसका इस्तेमाल करते हैं. दीवाली और होली पर भी चीन में बना सामान इस्तेमाल होता है. हम चाहते हैं कि चीन सुधरे और चीन तभी सुधर सकता है जबकि अरबों- खरबों रुपये का जो व्यापार चल रहा है वो बंद हो. चीन को सबक मिले कि भारत से संबंध बिगाड़ने में उनका क्या नुकसान हो सकता है."
मथुरा के सामाजिक संगठन युगांधर के अध्यक्ष राकेश शर्मा बताते हैं कि मंदिरों में अब तक सजावट और बिजली का ज्यादातर चीन में बना सामान ही इस्तेमाल होता रहा है.
मंदिर के आसपास की दुकानों में चीन में बनी मूर्तियां और खिलौनों की भी बिक्री होती है.
जन्मस्थान के पास दुकान चलाने वाले पंकज शर्मा कहते हैं, "चीनी सामान में मुनाफ़ा ज्यादा मिलता है. नुकसान तो होगा लेकिन देशभक्ति पहले है."
वहीं एक अन्य दुकानदार पप्पू दीक्षित का कहना है कि बहिष्कार का फ़ैसला देर से लिया गया और ज्यादातर दुकानदार सामान खरीद चुके हैं. वो कहते हैं कि अपनी तरफ से वो चीन का सामान नहीं बेचेंगे, लेकिन अगर ग्राहक मांगते हैं तो मना भी नहीं करेंगे.
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