You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
हिमाचल प्रदेश: ज़मीन खिसकने से दो बसें दफ़्न, 48 की मौत
हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में एक बड़े भूस्खलन ने यात्रियों से भरी दो बसों को गहरी खाई में धकेल दिया जिसमें कम से कम 48 लोग मृत बताए जा रहे हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, घटना रविवार को मंडी-पठानकोट नेशनल हाइवे पर पधर के पास कोटपुरी में हुई.
ये बसें उस वक़्त सड़क पर खड़ी हुई थीं, जब वे सड़क भूस्खलन की चपेट में आ गईं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बादल फटने को भूस्खलन की वजह बताया है.
भूस्खलन से भारी नुकसान
तलाशी अभियान में एनडीआरएफ़ की मदद के लिए सेना को भी बुलाया गया है. ख़बरों के मुताबिक, पांच लोगों को गंभीर रूप से ज़ख़्मी हालत में बचाया गया है.
जुलाई से सितंबर के बीच भारत के पहाड़ी इलाक़ों में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 200 किलोमीटर लंबी सड़क भूस्खलन में तबाह हो गई है. कई घरों और वाहनों को भी नुकसान हुआ है.
पीटीआई के मुताबिक, बरामद किए गए शवों में चम्बा डिपो के ड्राइवर चंदन शर्मा और कंडक्टर सतपाल भी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने जताया दुख
अधिकारियों का कहना है कि मौत का आंकड़ा बढ़ भी सकता है क्योंकि कई लोग अभी गुमशुदा हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ़्तर से इस संबंध में ट्वीट करके दुख जताया गया है.
परिवारों को 5 लाख की मदद
पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी घटना का दौरा किया. उन्होंने प्रभावितों के परिजनों से मिलकर संवेदनाएं जताईं और कहा कि घायलों के इलाज का ख़र्च सरकार उठाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मरने वालों के परिवार को चार लाख रुपये की सहायता का एलान किया है. परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि मृत लोगों के परिवार को एक-एक लाख रुपए की सहायता हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम की ओर से दी जाएगी.
मॉनसून की बारिश ने भारत के 20 राज्यों में लाखों लोगों को प्रभावित किया है. अधिकारियों के मुताबिक, पड़ोसी देश नेपाल में भी बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 49 लोगों की मौत हो चुकी है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)