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राजस्थानः चोटी काटने के आरोप में 'हाफ़िज़' को पीटा
- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
राजस्थान के भरतपुर ज़िले में हिंसक भीड़ ने मोहम्मद मुकीम नाम के एक आदमी पर चोटी काटने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर सरेआम उसके हाथ-पैर बांधकर पिटाई की है.
मारपीट की इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया है जो अब वायरल हो चुका है.
लेकिन भरतपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार से जब बीबीसी ने बात की तो उन्होंने घटना से अनभिज्ञता ज़ाहिर की.
घटना का वीडियो देखने के बाद पुलिस अधीक्षक ने इस संवाददाता को भेजे एक संदेश में कहा, "मैंने इलाक़े के डिप्टी एसपी से बात की है. वो पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं. बिना किसी कोताही के सख़्त कार्रवाई की जाएगी."
ख़बर लिखे जाने तक इस घटना के सिलसिले में न कोई एफ़आईआर दर्ज हुई है और न ही किसी को गिरफ़्तार किया गया है.
पीड़ित मोहम्मद मुकीम को काफ़ी चोटें आई हैं और वो इस समय अपने घर पर हैं. ये घटना 30 जुलाई की है.
भरतपुर के सीकर क़स्बे के रहने वाले पीड़ित मोहम्मद मुकीम के भाई रियाज़ुद्दीन ने बीबीसी से बात करते हुए दावा किया कि उनके भाई क़ुरान के हाफ़िज़ ( जिन्हें कुरान याद हो) हैं और मदरसे जा रहे थे जब उन्हें रास्ते में रोककर रस्सियों से बांधा गया और बुरी तरह पीटा गया.
रियाज़ुद्दीन ने बताया कि उनके भाई ख़तरे से बाहर हैं लेकिन घटना के सदमे की वजह से अभी उनका दिमागी संतुलन पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है.
25 वर्षीय मोहम्मद मुकीम एक बच्चे के पिता है और एक स्थानीय मदरसे में बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं.
रियाज़ुद्दीन ने बीबीसी को बताया, "मेरा भाई जलालपुर की ओर मदरसे जा रहा था. जलालपुर पार करने के बाद ये छोटे से रस्ते पर पैदल जा रहा था जब पीछे से आई मोटरसाइकिल पर बैठे लोगों ने उस पर महिलाओं की चोटी काटने का आरोप लगाया और हमला किया."
रियाज़ुद्दीन का कहना था कि उनके भाई को कथित तौर पर शराब और पेशाब भी पिलाई गई और मुंह में चमड़े का जूता भी घुसाया गया.
रियाज़ुद्दीन के मुताबिक जिस समय भीड़ मुकीम पर हमला कर रही थी तब ही किसी ने पुलिस को फ़ोन पर सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया.
रियाज़ुद्दीन का दावा है कि घटना के बाद अगले दिन जब वो थाने में एफ़आईआर दर्ज कराने गए तो थानेदार ने एफ़आईआर दर्ज करने के लिए मना कर दिया.
राजस्थान हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई ज़िले में इस समय महिलाओं की चोटी काटे जाने की अफ़वाहें फैल रही हैं.
हालांकि पुलिस ने अपनी जांच में इस तरह की घटनाओं को झूठा पाया है.
भरतपुर के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार कहते हैं, "अफ़वाहों को रोकने के लिए पुलिस जागरुकता अभियान चला रही है और मीडिया और सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से ऐसी बातों पर ध्यान न देने के लिए कहा जा रहा है."
हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बुज़ुर्ग महिला की चोटी काटने का आरोप लगाकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.
भारत में हाल के महीनों में भीड़ के हाथों हमले की घटनाओं में इज़ाफ़ा हुआ है.
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