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'बिहारियों को मतदान का मौका देना चाहिए था'
बिहार में पिछले 24 घंटे के भीतर हुए नाटकीय घटनाक्रम के केंद्र में नीतीश कुमार रहे और उनके फ़ैसले से कई लोग हैरान हैं.
जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा कि नीतीश कुमार को राज्यपाल से विधानसभा भंग करने के लिए कहना चाहिए था. नीतीश से निराशा ज़ाहिर करते हुए गुहा ने उन्हें सत्ता का लोभी करार दिया है.
गुहा ने ट्वीट कर कहा है, ''नीतीश कुमार को राज्यपाल से विधानसभा भंग करने के लिए कहना चाहिए था. नीतीश ने कहा कि लालू पैसों को लेकर लालची हैं लेकिन नीतीश ने भी सत्ता के लिए लालच दिखाया है. अगर वह बीजेपी से गठबंधन करना चाहते थे तो सम्मानजनक तरीक़ा यह होता कि वह बिहारियों को मतदान का मौक़ा देते.''
कांग्रेस का नेतृत्व नीतीश के हाथ में!
इतिहासकार रामचंद्र गुहा नीतीश कुमार के प्रशंसक रहे हैं. इसी महीने गुहा ने कहा था कि कांग्रेस को अपना नेतृत्व नीतीश कुमार के हाथ में सौंप देना चाहिए. गुहा ने कहा था कि भारतीय राजनीति में राहुल गांधी का कोई भविष्य नहीं है.
उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए नीतीश के बारे में कहा था, ''अगर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में परिवर्तन होता है तो चीज़ें बदल सकती हैं. कांग्रेस बिना नेता की पार्टी है और नीतीश कुमार बिना पार्टी के नेता हैं.''
कुछ ही दिनों के भीतर नीतीश कुमार पर रामचंद्र गुहा की बदली राय को लेकर इरफ़ान हबीब ने उनसे पूछा, ''मेरे दोस्त रामचंद्र गुहा अब जो कह रहे हैं, उससे मैं हैरान हूं. कुछ ही दिन पहले वह कह रहे थे कि नीतीश कुमार को कांग्रेस प्रमुख बना देना चाहिए क्योंकि वहां कोई नेता नहीं है.''
इरफ़ान हबीब के इस सवाल के जवाब में रामचंद्र गुहा ने ट्वीट किया, ''इरफ़ान, मैंने जो कहा है उस पर कायम हूं, लेकिन यह सच है कि कांग्रेस में कोई भरोसेमंद राष्ट्रीय नेता नहीं है.''
इसके साथ ही रामचंद्र गुहा ने एक ट्वीट को रिट्वीट किया है, जिसमें लिखा गया है, ''भुवनेश्वर और नीतीश दो कुमार हैं. दोनों स्विंग में मास्टर हैं.''
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