अफ़वाहों से परेशान हैं राजस्थान की महिलाएं

महिलाएं

इमेज स्रोत, Kevin Frayer/Getty Images

    • Author, सुमेर सिंह राठौड़
    • पदनाम, जैसलमेर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

राजस्थान का जैसलमेर ज़िला. गांव में घर के आगे चबूतरे पर महिलाएं बैठी हैं. सबके चेहरे पर एक अनजान सा डर दिख रहा है कि आज कौन से गांव से खराब ख़बर आएगी.

बचने के उपायों पर चर्चा हो रही है. कोई कह रहा है कि लहसुन पास में रखकर सोने से बच जाएंगे, तो कोई कह रहा है कि नींबू पास रखने से बच जाएंगे.

व्हॉट्सऐप पर फैल रही इन घटनाओं की तस्वीरें देखकर लोग इतने डरे हुए हैं कि अकेले बाहर भी नहीं निकल रहे.

इन दिनों पश्चिमी राजस्थान के कई गांवों में बाल काटने की अफ़वाहें लगातार फैल रही हैं.

त्रिशूल और सिन्दूर के निशान

रात में कोई आता है, बाल काटता है, शरीर पर त्रिशूल का निशान और सिंदूर लगाकर चला जाता है- बीकानेर से शुरू होकर नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालौर में ऐसी अफ़वाहों की खबरें आ रही हैं.

राजस्थान

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, भरतपुर का एक परिवार (सांकेतिक तस्वीर)

ऐसा कौन कर रहा है, इस बारे में भी बहुत सारी अफ़वाहें फैल रही हैं. कोई कह रहा है कि चुड़ैल का हाथ है इन घटनाओं के पीछे, तो कोई कह रहा है बहुत सारी गाड़ियां भर कर लोग आए हैं जो इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं.

'पाकिस्तान का हाथ'

कोई यह भी कहता है कि इन घटनाओं के पीछे पाकिस्तान का हाथ है और वो भारत से बदला लेने के लिए ऐसी घटनाएं कर रहा है.

अफवाहें हैं कि बाल काटने वाले लोग अपना रूप बदलकर मोर, बिल्ली या किसी और जानवर का रूप बनाते हैं और ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. बाल काटने के कुछ रोज़ बाद जिसके बाल कटते हैं उसकी मौत हो जाती है.

ऐसी अफ़वाहें लोगों का डर बढ़ा रही हैं.

फुलिया गांव की एक घटना

दावा है कि जैसलमेर के पास फुलिया गांव में ऐसी घटनाएं दो महिलाओं के साथ हुई. जिन महिलाओं के साथ ये कथित घटनाएं हुईं उनके परिजनों से बात करने की कोशिश की तो पहले कहा गया कि हां ऐसी घटना हुई हैं, लेकिन जब ये पूछा गया कि उस महिला से बात कर सकते हैं जिसके साथ ये घटना घटी, तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ ये सब झूठ था.

जैसलमेर

इमेज स्रोत, ROBERTO SCHMIDT/Getty Images

पड़ोस के लोग दावा करते हैं कि रात में महिला सो रही थी और अचानक से चिल्लाने लगी कि कोई उसके बाल काट रहा है. आस-पास परिवार के दूसरे लोग सो रहे थे उन्होंने देखा कि उस महिला के बालों की एक लट कटी हुई थी. उसके बाद से उस महिला की तबियत ख़राब है.

घर वाले अब अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं.

लोगों से अपील

जैसलमेर के एसपी गौरव यादव कहते हैं, "ये पूरी तरह से अफ़वाह हैं. जैसलमेर में इस प्रकार की जो घटनाएं हुईं वहाँ मौके पर गई पुलिस को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला."

राजस्थान राज्य महिला आयोग ने लगातार आ रहीं ख़बरों को देखते हुए जहां घटनाएं हुईं उन ज़िलों के कलेक्टर और एसपी को इन मामलों की रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है.

इस मामले के बारे में आयोग की अध्यक्षा सुमन शर्मा ने कहा कि इन ख़बरों से लोगों में भय का माहौल है. लोग गांव खाली कर रहे हैं, ऐसी खबरें भी आ रही हैं.

जांच में नहीं मिला कोई सबूत

जहां-जहां ये घटनाएं हुई हैं वहां के प्रशासन का कहना है कि जांच में ऐसी कोई बात निकलकर नहीं आई है.

जैसलमेर

इमेज स्रोत, Kevin Frayer/Getty Images

जैसलमेर के सरकारी अस्पताल जवाहर चिकित्सालय के पीएमओ ने कहा कि हमारे पास ऐसी किसी घटना का कोई मरीज़ नहीं आया है.

बाड़मेर के रहने वाले, साहित्यकार किशोर चौधरी कहते हैं "यह समाज की सामूहिक बीमारी (मास साइकोजेनिक इलनेस) भी कही जाती है. इसके अनेक रूप हो सकते हैं. इसके फैलने की गति अविश्वसनीय हो सकती है."

अधिकांश मामलों में महिलाएं शिकार क्यों?

जैसलमेर

इमेज स्रोत, Sumer Singh Rathore

इमेज कैप्शन, बाल काटने की घटनाओं पर कुछ लोगों का कहना है कि देवी रूठ गई हैं, तो उन्हें मनाने के लिए लोग घरों के आगे मेहन्दी और सिन्दूर के हाथ छाप रहे हैं.

इन दिनों गांवों में यह अफ़वाह भी है कि गांव के किनारे दीप जलाने से चीज़ें सुधर जाती है, तो सारी औरतें गांव किनारे दिए जलाने लगती हैं. ऐसे कई और टोटके भी आपनाए जा रहे हैं.

इन घटनाओं के पीछे कौन है, प्रशासन यह पता नहीं लगा पाया है और इसे अफ़वाह करार दे रहा है.

ना जाने कहां से ऐसी अफ़वाहें फैलती हैं और कुछ समय बाद लोग भूल जाते हैं. लेकिन ऐसी अफ़वाहें के चलते कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)