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रोहतक की रेप पीड़िता के परिजनों ने मांगी गर्भपात की इजाज़त
हरियाणा के रोहतक में डॉक्टरों की एक टीम इस पर विचार कर रही है कि 10 साल की एक बलात्कार पीड़िता को अबॉर्शन की इजाज़त दी जाए या नहीं.
रोहतक पुलिस ने बीबीसी को बताया कि बच्ची के साथ उसके सौतेले पिता ने कई बार बलात्कार किया था और अब वह पांच महीने की गर्भवती है.
अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.
20 हफ़्ते से ज़्यादा के भ्रूण को गिराना अवैध
भारतीय क़ानून के मुताबिक, 20 हफ़्ते बाद भ्रूण को तभी गिराया जा सकता है, जब डॉक्टर यह सर्टिफिकेट दें कि इससे गर्भवती की जान को ख़तरा नहीं है.
भारत के ख़राब लिंग अनुपात से निपटने के लिए यह क़ानून लाया गया था. हाल के महीनों में सुप्रीम कोर्ट को कई अर्ज़ियां मिली हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं ने 20 हफ़्तों से ज़्यादा के भ्रूण को गिराने की इजाज़त मांगी है.
इनमें कुछ बलात्कार पीड़िता भी हैं.
अदालत हमेशा इस मामले को मेडिकल जानकारों पर छोड़ देता है. ताज़ा केस में बच्ची के परिवार ने गर्भपात की इज़ाजत मांगी है. इस पर पीजीआई रोहतक के डॉक्टर विचार कर रहे हैं.
पीजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट अशोक चाह्वान ने बताया कि मामला बहुत पेचीदा है क्योंकि अभी तक कोई टेक्नोलॉजी प्रेग्नेंसी का सही समय नहीं निश्चित कर सकती.
उनका कहना है कि इसलिए लड़की की प्रेग्नेंसी 20 की बजाय 19 माह या 21 माह की भी हो सकती है.
ये मामला तब सामने आया था जब लड़की की मां को शक हुआ कि उसकी बेटी गर्भवती है और वो उसे डॉक्टर के पास ले गई. लड़की की मां घरेलू कामगार के तौर पर काम करती है.
ख़बरों के मुताबिक, मां के काम पर चले जाने के बाद अक्सर बच्ची घर पर अकेली रह जाती थी. उसने अपनी मां को बताया था कि उसका सौतेला पिता उससे लगातार बलात्कार करता रहा है और किसी को न बताने की धमकी दी है.
रोहतक पुलिस के अधिकारी पंकज नैन ने बीबीसी को बताया कि बच्ची की मां ने पुलिस में शिकायत की थी, जिसके बाद अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया.
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