यूपी में बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच बढ़ता टकराव

इमेज स्रोत, TWITTER @NOIDAPOLICE
- Author, समीरात्मज मिश्र
- पदनाम, लखनऊ से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
उत्तर प्रदेश में पिछली सरकार को क़ानून-व्यवस्था के नाम पर घेरने वाली भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपनी सरकार होने के बावजूद क़ानून-व्यवस्था के नाम पर ख़ुद घिरती चली जा रही है.
सरकार बने अभी दो दिन महीने भी नहीं हुए हैं और खादी (बीजेपी और संघ परिवार के नेताओं) और खाकी (पुलिस) के बीच ज़ुबानी संघर्ष ही नहीं बल्कि कई बार हिंसक संघर्ष तक की नौबत आ चुकी है.

इमेज स्रोत, TWITTER @LUCKNOWPOLICE
खाकी पर ग़ुस्सा
गोरखपुर में आईपीएस अधिकारी चारु निगम और स्थानीय विधायक राधा मोहन अग्रवाल के बीच जो कुछ हुआ, वो उसी संघर्ष का एक हिस्सा है.
राज्य में नई सरकार बनने के बाद से ऐसे तमाम उदाहरण सामने आए हैं जिनमें बीजेपी नेताओं ने क़ानून-व्यवस्था संभाल रहे पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की है.

इमेज स्रोत, SAMIRATMAJ MISHRA
मेरठ
घटना आठ अप्रैल की है. आरोप है कि मेरठ में बीजेपी नेता संजय त्यागी पुलिस से सिर्फ़ इसलिए उलझ गए क्योंकि उनके बेटे को गाड़ी में हूटर लगाने से मना किया गया और बेटे को थाने से ज़बरन छुड़ाने के लिए थाने पर भी जमकर हंगामा किया गया.
बीजेपी नेता के बेटे को छोड़ दिया गया और पुलिस अधिकारी को वहां से हटा दिया गया.

इमेज स्रोत, Getty Images
सहारनपुर
22 अप्रैल को सहारनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी की ग़ैरमौजूदगी में उनके आवास पर क़रीब चार-पांच सौ लोगों ने हमला कर दिया. एसएसपी लव कुमार की पत्नी ने बताया कि उनके दोनों बच्चे ख़ौफ़ में कई घंटे बंधक बने रहे.
मामले में सहारनपुर के सांसद राघव लखनपाल, उनके भाई और देवबंद से बीजेपी विधायक ब्रजेश समेत तमाम लोगों को नामज़द किया गया था लेकिन इनमें से किसी नेता के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई.
हां, राघव लखनपाल लगातार आरोप लगा रहे थे कि एसएसपी लव कुमार पिछली सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. इसका नतीजा ये हुआ कि लव कुमार को एसएसपी सहारनपुर के पद से हटा दिया गया.

इमेज स्रोत, PTI
फ़तेहपुर सीकरी
22 अप्रैल को आगरा के पास फ़तेहपुर सीकरी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और इंस्पेक्टर को हटाने की मांग को लेकर थाने पर प्रदर्शन हुआ. बाद में पुलिस के साथ जमकर संघर्ष हुआ. इस दौरान एक नेता ने सीओ पर भी हाथ छोड़ दिया और एक दारोगा की मोटर साइकिल में आग लगा दी गई.

इमेज स्रोत, PrIYANKA SINGH FACEBOOK
बाराबंकी
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत ने पिछले दिनों पुलिस अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया. पुलिसवालों का व्यवहार उन्हें जब पसंद नहीं आया तो मीडिया के सामने ही धमकी दे डाली और कहा, ''मैं सारी मलाई बाहर निकाल लूंगी और खाल भी खिंचवा लूंगी.''
प्रियंका रावत जब ये बयान दे रही थीं, उस समय पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे.

इमेज स्रोत, SAMIRATMAJA MISHRA
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर ज़िले में बीजेपी नेता मनोज कश्यप समर्थकों के साथ पुलिस वालों को थाने में चूड़ियां पहनाने पहुंच गए. कश्यप ने थाने के कोतवाल को चूड़ियां पहनाने की कोशिश भी की.
इससे पहले मनोज कश्यप द्वारा कोतवाल को जान से मारने की धमकी का कथित वीडियो भी वायरल हुआ था. इन सबके बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

इमेज स्रोत, FACEBOOK/CHARU NIGAM
गोरखपुर
ताज़ा मामला गोरखपुर का है जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता और स्थानीय विधायक राधा मोहन अग्रवाल ने आईपीएस अधिकारी और गोरखनाथ इलाक़े की क्षेत्राधिकारी चारु निगम को इस क़दर डांटा कि उनकी आंख से आँसू निकल पड़े.
ये वीडियो न सिर्फ़ ज़बर्दस्त वायरल हुआ बल्कि चारू निगम ने इस बाबत फ़ेसबुक पर टिप्पणी भी की कि उनके आँसुओं को उनकी कमज़ोरी न समझा जाए.
आईपीएस एसोसिएशन को आपत्ति

इमेज स्रोत, TWITTER @FIROZABADPOLICE
यहां तक कि आईपीएस एसोसिएशन ने भी इसे गंभीरता से लिया है और सरकार से इस बारे में आपत्ति दर्ज करा चुका है.
उत्तर प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन के महासचिव प्रकाश डी ने बीबीसी को बताया, "हम लोगों ने मुख्य सचिव से मुलाक़ात की है और उन्हें इस बात से अवगत कराया है कि अधिकारियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को गंभीरता से लिया जाए और ऐसा करने वालों को दंडित किया जाए."
हालांकि प्रकाश डी ने इस सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की कि कथित दुर्व्यवहार के बावजूद अधिकारियों का ही तबादला क्यों हो रहा है?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












