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दिल्ली में हार के बाद आप में मचा घमासान
दिल्ली नगर निगम चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर इस्तीफों का सिलसिला शुरू हो गया है. बुधवार को हार के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली यूनिट के संयोजक दिलीप पांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
गुरुवार को संजय सिंह ने पंजाब के पार्टी प्रभारी की ज़िम्मेदारी से ख़ुद को मुक्त कर लिया. संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, ''मैंने पंजाब के प्रभारी पद से अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल जी को दे दिया है, दुर्गेश ने भी सह प्रभारी पद छोड़ा.''
हालांकि पंजाब में चुनावी नतीजे आए एक महीने से ज़्यादा का वक़्त हो गया तब संजय सिंह ने इस्तीफा दिया है. संजय सिंह ने अपने इस्तीफे की घोषणा ट्विटर पर की.
ट्विटर पर लोग संजय सिंह से सवाल पूछ रहे हैं कि इस्तीफे में इतनी देरी क्यों कर दी. इन इस्तीफों के साथ ही पार्टी के भीतर से अलग-अलग स्वर सुनाई पड़ने लगे हैं.
बुधवार को दिल्ली नगर निगम का जब चुनावी नतीजा आया तो आप के कई बड़े नेताओं ने हार के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को ज़िम्मेदार ठहराया. हालांकि पार्टी के भीतर से ही लोगों ने ईवीएम की बात को ख़ारिज करना शुरू कर दिया. अलका लांबा ने कहा कि हार के लिए ईवीएम नहीं बल्कि दूसरी वजहें ज़िम्मेदार हैं.
गोवा, पंजाब और दिल्ली नगर निगम में हार के बाद पार्टी की भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पंजाब से आप के लोकसभा सांसद भगवंत मान ने दिल्ली में हार के बाद पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला है.
मान ने बुधवार को कहा था, ''पार्टी नेतृत्व मोहल्ला क्रिकेट टीम की तरह व्यवहार कर रहा है.'' दिल्ली में बीजेपी ने तीनों नगर निगमों में जीत दर्ज की है. 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 54 फ़ीसदी वोट मिला था, लेकिन एमसीडी चुनाव में पार्टी 26 फ़ीसदी पर ही सिमट कर रह गई.
पंजाब में आम आदमी पार्टी को 117 सीटों में महज 20 सीटों पर ही जीत मिली थी. मान ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को ईवीएम को ज़िम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करने की ज़रूरत है. मान ने कहा कि आप ने पंजाब में ऐतिहासिक ग़लती की. पंजाब में आप के एक और नेता गुरप्रीत सिंह गुग्गी ने भी पार्टी की आलोचना की है.
दूसरी तरफ़ दिल्ली नगर निगम में हार के बाद कुमार विश्वास ने कई ट्वीट किए हैं, जिन्हें पार्टी पर हमले के रूप में देखा जा रहा है. कुमार विश्वास ने ट्वीट किया है, ''तुम्हारे घर में दरवाज़ा है लेकिन तुम्हें ख़तरे का अंदाज़ा नहीं है, हमें ख़तरे का अंदाज़ा है लेकिन हमारे घर में दरवाज़ा नहीं है.''
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