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'आदेश के बावजूद आधार को क्यों किया अनिवार्य?'
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि परमानेंट एकाउंट नंबर (पैन) कार्ड के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य क्यों किया गया?
आधार कार्ड को अनिवार्य किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई चल रही थी.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, "आप आधार कार्ड को अनिवार्य कैसे कर सकते हैं जबकि हमने ये आदेश दिया है कि इसे वैकल्पिक बनाया जाए?"
अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार की तरफ से जस्टिस एके सीकरी के नेतृत्व वाली बेंच से कहा कि 'हमने पाया है कि लोग फर्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर बने पैन कार्ड की जानकारी दे रहे हैं.'
सरकार की प्रतिक्रया
रोहतगी ने कहा कि "ऐसे उदाहरण हैं जिसमें एक व्यक्ति के पास कई पैन कार्ड हैं और मुखौटा कंपनियों में फंड्स को ट्रांसफर करने के लिए उसका ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है."
इस पर बेंच ने एटार्नी जनरल से पूछा, "क्या पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करना ही इसका इलाज है? इसे अनिवार्य क्यों किया गया?"
रोहतगी का कहना था, "पहले भी लोग मोबाइल फ़ोन के सिम कार्ड के लिए फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करते थे और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस पर ध्यान देने की बात कही थी."
बेंच ने कहा पैन कार्ड के लिए आधार कार्ड अनिवार्य करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर बहस की सुनवाई वो 25 अप्रैल को करेगी.
2017-18 के बजट में वित्त विधेयक के द्वारा कर प्रस्तावों में एक संशोधन के ज़रिए सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न दाख़िल करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है.
सरकार का कहना है कि उसने ऐसा इसलिए किया है ताकि आधार कार्ड के साथ जोड़कर एक से ज़्यादा पैन कार्ड के इस्तेमाल से होने वाली टैक्स चोरी को रोका जा सके.
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