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सोशल- 'अंतरिक्ष मिशन पर भागवत गाय ही भेजेंगे'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पूरे देश में गोहत्या पर रोक लगाने वाले क़ानून की वकालत की है.
देशभर में गोरक्षकों द्वारा मारपीट की खबरों के बीच संघ प्रमुख का ये बयान आया है.
हालाँकि रविवार को दिल्ली में महावीर जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने ये भी कहा कि गोहत्या के नाम पर की जाने वाली हिंसा से ये मुद्दा कमजोर होता है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "गोरक्षा का काम कानून के पालन के साथ किया जाना चाहिए."
भागवत के इस बयान पर सोशल मीडिया खामोश नहीं रहा. प्रतिक्रियाओं की रफ्तार इतनी तेज रही कि मोहन भागवत ट्विटर पर थोड़ी ही देर में टॉप ट्रेंड में आ गए.
@itsmepanna ट्विटर हैंडल से पन्ना लाल ने लिखा, "मोहन भागवत सर गोरक्षा को एक बार दिशा दिखाए जाने की जरूरत है."
ट्विटर हैंडल @munir12e से मुनीर ने पोस्ट किया, "देश पिछले तीन साल से गाय पर अटका हुआ है. राष्ट्रीय प्रतिबंध के लिए मोहन भागवत को रास्ता बनाना चाहिए ताकि देश कम से कम आगे बढ़ सके."
मुनीर ने ही एक और ट्वीट किया, "एक मुसलमान के तौर पर मैं मोहन भागवत का समर्थन करता हूं. गोहत्या पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगना चाहिए. इसमें केरल, गोवा और पूर्वोत्तर भी हों. इसे संसद से पारित कराएं."
ट्विटर हैंडल @bprerna से प्रेरणा बख्शी लिखती हैं, "मोहन भागवत ने गोहत्या पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की है. मेरे पास एक बेहतर विचार है. क्यों न आरएसएस पर ही देश भर में बैन लगा दिया जाए?"
इस पर ट्विटर हैंडल @prlekhi हैंडल से प्रतीक्षा लेखी लिखती हैं, "अंतरिक्ष मिशन पर अगले साल मोहन भागवत गाय ही भेजेंगे. हर किसी को नाश्ते में गोबर खिलाने का भी बिल पास किया जाएगा."
यूपी में सत्ता में आने के फौरन बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य में गाय की तस्करी पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
यही नहीं, गुजरात में गोहत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है, जबकि राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारों ने भी गौहत्या पर रोक के लिए सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं.
पांच अप्रैल को राजस्थान के अलवर में कथित गोरक्षकों के हमले में घायल हुए एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.
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