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ममता थीं, फिर भी मोदी और हसीना में तीस्ता पर नहीं बनी बात
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई.
इस वार्ता में दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में 22 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शुक्रवार को भारत के चार दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुँची हैं. सात सालों में उनकी यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है.
ये हैं पांच बड़े समझौते-
- भारत ने बांग्लादेश में योजनाओं को लागू करने के लिए 450 करोड़ डॉलर की क्रेडिट लाइन को बढ़ाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमलोग बांग्लादेश में 450 करोड़ डॉलर के निवेश पर हुए समझौते से ख़ुश हैं.''
- पीएम मोदी ने बांग्लादेश को सैन्य सामानों की ख़रीद के लिए 50 करोड़ डॉलर देने की भी घोषणा की है. दोनों देशों के बीच इस तरह का यह पहला समझौता है.
- दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु समझौता भी हुआ. इसके साथ ही रक्षा सहयोगों को लेकर दो एएमयू पर हस्ताक्षर हुए हैं.
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से पश्चिम बंगाल के राधिकापुर से बांग्लादेश में खुलना तक के लिए बस सेवा का उद्घाटन किया.
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने वीडियो लिंक के ज़रिए कोलकाता-खुलना पैसेंजर ट्रेन के ट्रायल रन का भी उद्घाटन किया. यह सेवा 70 साल के बाद जुलाई 2017 से बहाल हो जाएगी.
जो समझौता नहीं हुआ
- तीस्ता जल बंटवारे पर दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस समझौते का अब भी विरोध कर रही हैं. बांग्लादेश के लिए यह समझौता नहीं होना निराशाजनक है.
- तीस्ता नदी पश्चिम बंगाल से बंग्लादेश की ओर बहती है. इस समझौते में ख़राब मौसम में दोनों देशों के बीच 50:50 जल बंटवारे की बात है. हालांकि ममता बनर्जी का मानना है कि इस समझौते से उनके राज्य को नुक़सान पहुंचेगा.