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महिलाएं शराब की दुकानों पर गुस्सा क्यों उतार रही हैं?
- Author, रोहित घोष
- पदनाम, कानपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
कानपुर में शराब की दुकानों के खिलाफ जो विरोध शनिवार से शुरू हुआ है वो थमने का नाम नहीं ले रहा है.
अब सिर्फ कानपुर ही नहीं उत्तर प्रदेश के दूसरे ज़िलों में भी शराब की दुकानें स्थानीय लोगों के निशाने पर आ रही हैं.
कानपुर में मंगलवार को शहर के बीचोंबीच स्थित बजरिया मोहल्ले में तीन शराब की दुकानों पर लोगों ने हल्ला बोल दिया.
हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय और स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में कहीं भी - दुकान, होटल या बार, में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है.
जो दुकानें इस दायरे में आ रही थीं, वह अब स्थानांतरित होकर घनी आबादी वाले मोहल्लों में खुल रही हैं. इसके ख़िलाफ़ लोगों ने खासकर महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है.
'कोई घर बर्बाद नहीं होने देंगे'
बजरिया में शराब की तीन दुकानें सुबह खुली ही थीं कि लोगों के एक हुजूम ने दुकानों पर पथराव शुरू कर दिया. दुकानवाले जैसे-तैसे दुकानों को बंद करके भाग खड़े हुए.
बजरिया की एक स्थानीय महिला इंदुमति ने कहा, "लोग शराब की दुकानों में आते हैं, शराब पीतें हैं. महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है."
वो कहती हैं, "महिलाओं पर फब्तियां भी कस्ते हैं. हम लोगों ने शिकायत भी की है, पर उसका कोई असर नहीं हुआ. इसलिए हम लोग अब आवाज़ उठा रहे हैं."
आत्मदाह की कोशिश
सोमवार को कानपुर में शराब बिकने के विरोध में कुक्कू नाम के एक व्यक्ति ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल कर आत्मदाह करने की कोशिश की.
कुक्कू ने कहा, "शराब की दुकान बंद कराने को लेकर हमने पहले भी प्रदर्शन किया था. पर उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई.
उन्होंने कहा- "हमारे इलाके में कई घर बर्बाद हो चुके हैं. अब महिलाओं ने बीड़ा उठाया है की ये दुकान हमारे क्षेत्र में न रहे. हम और कोई घर बर्बाद होने नहीं देना चाहते हैं."
'ये बोतलें सरकार की हैं'
कानपुर में जो भी हो रहा है उससे शराब व्यापारी चिंतित हैं. उनका कहना है की वो जो कर रहे हैं क़ानून के दायरे में ही कर रहे हैं.
शराब की दुकान चलाने वाले राम नगीना सिंह कहते हैं, "सरकार ने शराब की दुकानों को लाइसेंस दिया है. उसके बाद अगर कोई भी दुकान में बाधा देता है तो वह राजस्व की हानि है. दुकान में जो शराब की बोतलें रखी हैं वो सरकार की हैं."
शराब की दुकानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की खबरें वाराणसी, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर, हाथरस से भी आ रही हैं. पर अभी तक न तो पुलिस-प्रशासन ने कुछ कहा है और न ही एक्साइज़ विभाग ने.