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पीपीएफ सहित कई स्कीम की ब्याज दरों में कटौती
सरकार ने छोटे बचत स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती कर दी है. ये स्कीम हैं- पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि खाता और वरिष्ठ नागरिक बचत.
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक़ अप्रैल-जून तिमाही से इन स्कीमों की ब्याज दरों में 0.1 फ़ीसदी की कटौती की गई है.
सुकन्या समृद्धि स्कीम बच्चियों के लिए है, जिस पर 8.4 फ़ीसदी वार्षिक ब्याज दर है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नई ब्याज दर 2016-17 की चौथी तिमाही के लिए है जो एक अप्रैल 2017 से शुरू होगा.
इसी तरह किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.6 फ़ीसदी हो जाएगी. पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.4 फ़ीसदी और पांच वर्षीय नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर ब्याज दर 7.9 फ़ीसदी हो जाएगी.
हालांकि बचत खाता पर ब्याज दर सालाना 4 फ़ीसदी ही है. एक से पांच साल के लिए सावधि जमा योजना पर ब्याज दर 6.9-7.7 फ़ीसदी हो गई है. इसका भुगतान तिमाही में होगा. पांच वर्षीय आरडी पर ब्याज दर कम करके 7.2 फ़ीसदी कर दी गई है.
वित्तीय व्यवस्था में ब्याज दरों में कमी आने के बाद इन स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती की गई है. इससे पहले इपीएफओ ने पीएफ में ब्याज दरों में कटौती का फ़ैसला किया था. 2015-16 में पीएफ पर ब्याज दर को 8.8 फ़ीसदी से 8.65 फ़ीसदी कर दिया गया था.
पिछले साल अप्रैल से सभी छोटी बचत स्कीमों की ब्याज दरों में तिमाही आधार पर बदलाव किया गया था. ब्याज दरों को सरकारी बॉन्डों के मुनाफे से जोड़ दिया गया है. श्यामला गोपीनाथ पैनल ने सिफारिश की थी कि ब्याज दरों को प्रत्येक तिमाही आधार बदलाव किया जाना चाहिए.
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