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नीलेकणी की पीठ ठोक कर फँस गए जेटली
जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में नहीं थी, तो पार्टी ने उस समय सत्तारुढ़ यूपीए की सरकार को मनरेगा और आधार पर जम कर घेरा था.
लेकिन एक फरवरी को जब केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश किया, तो न सिर्फ़ मनरेगा के लिए धनराशि 37,000 करोड़ से बढ़ाकर 48000 करोड़ कर दी बल्कि आधार कार्ड के लिए नंदन नीलेकणी की पीठ भी थपथपाई.
इसके जवाब में नंदन नीलेकणी ने ट्वीट किया और वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया.
नीलेकणी ने ट्वीट किया- धन्यवाद अरुण जेटली जी. मैं ख़ुश हूँ कि आधार का उपयोग देश की सेवा में हो रहा है.
पिछले कुछ महीनों के दौरान न सिर्फ़ आधार को बैंक खातों से जोड़ने की पहल तेज़ हुई है, बल्कि आधार कार्ड से जोड़कर सरकार ने इस बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ स्कीम भी शुरू करने की घोषणा की है.
नीलेकणी के धन्यवाद वाले ट्वीट के जवाब में ज़्यादातर लोगों ने भाजपा की अगुआई वाली सरकार को घेरा है और वो दिन याद दिलाया है जब भाजपा और नरेंद्र मोदी समेत कई नेता आधार को लेकर यूपीए सरकार की आलोचना करते थे.
ट्विटर हैंडल @sunnymittra से सनी लिखते हैं- नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली ने इसे बेकार कहा था. क्या आपको नहीं लगता कि आप लोगों को मनमोहन सिंह से माफ़ी मांगनी चाहिए.
@nknairvm ट्विटर हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वो ट्वीट शेयर किया गया, जिसमें उन्होंने आधार की आलोचना की थी.
@Bolsachin हैंडल से सचिन ने लिखा है- नंदन नीलेकणी, आपका भी धन्यवाद देश की बेहतरी के इस महत्वपूर्ण पहल के लिए.
@proudhindu ट्विटर हैंडल से सेक्यूलर हिंदू नाम से लिखा गया है- मोदी और अरुण जेटली वाले बीजेपी ने इसी आधार का विरोध किया था. बीजेपी का यू-टर्न.
बृजेश देशमुख लिखते हैं- आधार का क्रेडिट यूपीए को जाता है. मौजूदा सरकार यूपीए की सभी अच्छी नीतियों का अनुसरण कर रही है, जिसका उन्होंने पहले विरोध किया था.
लेकिन सुब्रह्मण्य का कहना है कि नंदन नीलेकणी को नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहिए, जिन्होंने उस कार्यक्रम को नया जीवन दिया, जिसे यूपीए ने छोड़ दिया था.
@Iramani33 ट्विटर हैंडल से रमानी लिखते हैं- अच्छे काम की कोई अनदेखी नहीं कर सकता.
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