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वित्त मंत्री जेटली के आम बजट की मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में 2017 का आम बजट पेश किया. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जब संसद की कार्यवाही शुरू की तो विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ई अहमद के निधन को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही स्थगित करने की मांग की. हालांकि इस मांग को स्पीकर ने संवैधानिक परंपरा का हवाला देकर ख़ारिज कर दिया. सांसद के निधन की वजह से गुरुवार को संसद नहीं चलेगी.
टैक्स देने वालों को मिली थोड़ी राहत
- 2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की आय पर 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा जो अब तक 10 प्रतिशत था.
- 50 लाख से एक करोड़ रूपया सालाना कमाने वालों को 10 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा.
- प्रत्यक्ष कर वसूली देश की अर्थवस्था के अनुपात में नहीं
- पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ़ 3.7 करोड़ लोगों ने टैक्स रिटर्न भरा
- सिर्फ़ 76 लाख लोग ऐसे थे जिन्होंने 10 लाख से अधिक कमाई दिखाई जबकि विदेश घूमने जाने वालों की संख्या 2 करोड़ थी
- नोटबंदी की वजह से अधिक टैक्स जमा हुआ है, इतना टैक्स पहले कभी जमा नहीं हुआ
- अर्थव्यवस्था से काला धन निकालना सरकार की प्राथमिकता
- कैपिटल गेन टैक्स में अब तीन साल की जगह दो साल को लॉन्ग टर्म माना जाएगा
- 50 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाली कंपनी के टैक्स में कटौती, अब 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा, ये पहले 29 प्रतिशत था
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान शेरो-शायरी से संसद के माहौल को हल्का करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि काले धन पर अंकुश लगाने में नोटबंदी का फ़ैसला सफल रहा है. उन्होंने कहा -
अरुण जेटली ने कहा कि नौकरीपेशा लोगों पर सबसे अधिक दबाव है जो सबसे ईमानदारी से टैक्स देता है.
बजट की अन्य मुख्य बातें -
- रेलवे की तीन बड़ी कंपनियों आईआरसीटीसी, आईआरएफ़सी और इरकॉन के शेयर बाज़ार में लाए जाएंगे
- यात्रियों की सुरक्षा पर सरकार एक लाख करोड़ खर्च करेगी
- आईआरसीटीसी के ज़रिए ई-टिकट बुकिंग्स के दौरान अब सर्विस चार्ज नहीं लगेगा.
- अच्छे मॉनसून की वजह से कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की आशा
- गर्भवती महिलाओं के खाते में 6 हज़ार रुपए दिए जाएंगे, जो प्रधानमंत्री पहले ही घोषित कर चुके थे
- 2019 तक एक करोड़ गरीब परिवार ग़रीबी से बाहर आ जाएंगे
- सरकार पाँच साल में किसानों की आय दोगुना कर देगी
- 'मनरेगा' पर 48 हज़ार करोड़ रुपए ख़र्च होंगे जो अब तक का अधिकतम है, पिछले साल इस मद में 37 हज़ार करोड़ का प्रावधान था
- अगले साल 10 लाख करोड़ रुपए कृषि कर्ज़ के तौर पर दिए जाएंगे
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अगले दो साल में एक करोड़ नए घर बनाए जाएंगे
भाषण की शुरुआत में अरुण जेटली ने कहा कि "नोटबंदी एक बोल्ड और साहसिक फ़ैसला था जो जनहित में लिया गया था. अब हमारा जीडीपी स्पष्ट, ईमानदार और बड़ा होगा".
उन्होंने कहा कि नोटबंदी का "अर्थव्यवस्था पर मामूली और अल्पकालिक असर होगा, बैंक अब अधिक लोन दे पाएँगे और समाज के हर तबके का विकास होगा."
जेटली ने महात्मा गांधी को याद किया और उनका हवाला देते हुए कहा कि गांधी जी ने कहा था कि "सच्चे लक्ष्य की कभी हार नहीं होती."
वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी बिल पारित कराना सरकार के दो बहुत बड़े आर्थिक सुधार थे जिनका अच्छा परिणाम देशवासियों को आने वाले दिनों में दिखाई देगा.
उन्होंने कहा कि भारत का विकास तेज़ी से हो रहा है और दूसरे उभरते देशों की तुलना में भारत की विकास दर काफ़ी अच्छी है. उनका कहना था कि भारत दुनिया में एक तरह की कमज़ोरी के बावजूद 'ब्राइट स्टार' की तरह उभरा है.
उन्होंने ये भी कहा कि ये बजट तीन बड़ी अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच पेश किया जा रहा है- अमरीका के फ़ेडरल रिज़र्व की नीति जिसकी वजह से विदेशी निवेश घटा है, तेल के बढ़ते दाम और भारतीय कंपनियों प्रोटेक्शनिज़्म की वजह से आने वाली दिक्क़तें.
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