सू्र्य नमस्कार और नमाज़ एक जैसे: योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश में योग महोत्सव के मौक़े पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित किया. समारोह में आदित्यनाथ ने न केवल योग पर अपनी बात रखी बल्कि कई राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं. इस कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव भी मौजूद हैं.
योगी आदित्यनाथ के भाषण की महत्वपूर्ण बातें
- पहले योग को भारत के भीतर सांप्रदायिक माना जाता था. 2014 से पहले योग महोत्सव की बात की जाती तो इसे सांप्रदायिक करार दिया जाता.
- सूर्य आसन में हमारे जितने आसन हैं और जितनी मुद्राएं आती हैं वे मुस्लिम समुदाय की नमाज़ से मिलती-जुलती हैं.
- जिन्होंने समाज को जाति, मजहब और पंथ के आधार पर बांटा है, वे योग पर कैसे विश्वास कर सकते हैं.
- दिल्ली में जब अमित भाई ने सीएम बनने के लिए कहा तो मेरे पास एक जोड़ी ही कपड़े थे. दिल्ली से सीधा विधायक दल की बैठक में पहुंचा था.

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- 21 जून को भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी ने योग को दुनिया का दिवस बना दिया. 21 जून को सूर्य की सबसे की सबसे तीखी रोशनी पृथ्वी पर पड़ती है और हम उस ऊर्जा को संचित कर सकें.
- हम संतों के लिए एक लंगोट ही काफी है.
- सड़क से लेकर सदन तक की यात्रा की है और मुझे यूपी की बीमारियों के बारे में पता है.
- 2014 के बाद भारत दुनिया की उभरती हुई ताक़त के रूप में सामने आया है.
- आज़ादी के बाद से भारत ने बल और वैभव के आधार दुनिया में पहचान नहीं बनाई.
- जननी और जन्मभूमि के साथ हमारा संबंध बना रहेगा तो हम आगे बढ़ते रहेंगे.
- 70 सालों में हम एक ढंग का विश्वविद्यालय नहीं बना पाए. दुनिया के टॉप विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी नहीं है.
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