जयपुर- कथित गोमांस मामले में गौरक्षकों पर एफ़आईआर, प्रदर्शन

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- Author, नारायण बारेठ
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
जयपुर में एक होटल के बाहर कचरे में गिराए गए मांस के टुकड़े को गोमांस बताकर रविवार रात को हुए हंगामे के बाद इलाक़े में तनाव है और कई नागरिक संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं.
सिंधी कैंप थाना इलाके के कांतिनगर स्थित होटल के दो कर्मचारी रविवार रात होटल का कचरा फेंक रहे थे जब वहां हंगामा हो गया.
स्थानीय गोरक्षा दल की राष्ट्रीय प्रमुख कमल दीदी किसी बीमार गाय की सूचना मिलने पर इलाके में पहुंची थीं.

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इस हिंदू संगठन के सदस्यों ने कचरे में मीट देख कर आरोप लगाया कि वह गोमांस है.
हंगामा इस कदर बढ़ा कि पुलिस ने होटल के दो कर्मचारियों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
होटल कर्मचारियों ने अपनी सफाई में कहा कि यह होटल का सामान्य कचरा था. लेकिन उनका आरोप है कि इस पर कोई ध्यान नही दिया गया. बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.
गौरक्षकों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर
अब होटल के मालिक नईम रबानी ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई है.

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पुलिस के मुताबिक उनकी शिकायत है कि रविवार को गो रक्षा दल के सदस्यों ने उनके होटल को घेरा, प्रदर्शन किया, उन्हें धमकाया और उनके धर्म के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बातें कहीं.
मीट मुर्गे का था- पुलिस
उधर सिंधी कैंप थानाधिकारी मनफूल सिंह इस सामग्री के गो मांस होने से इंकार करते हैं.
उन्होंने बताया, "यह 800 ग्राम वज़नी मुर्गे के मीट का टुकड़ा था, यह उस इलाके के कचरा पात्र में डाला गया था. हमने दो लोगो को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था."
होटल सील, लाइसेंस रद्द

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जयपुर नगर निगम ने इस होटल हयात रबानी को सील कर दिया है. दरअसल अधिकारियों ने रविवार रात को ही होटल खाली करवा लिया था और इसे सील कर दिया था.
इस हंगामे के बाद नगर निगम हरकत में आ गया था और होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. नगर निगम ने मीडिया से कहा कि होटल के पास किचन चलाने का लाइसेंस नही था.
उधर नागरिक अधिकार संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने ये सब कुछ हिंदू संगठनों के दबाव में किया है और इसीलिए वो इलाक़े में प्रदर्शन कर रहे हैं.

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'पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़' की कविता श्रीवास्तव ने आरोप लगाया- "पुलिस ने यह सब कानूनी सीमा को लांघ कर किया है. होटल मालिक बुरी तरह से डरे हुए हैं. हम नागरिक संगठन इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं."
नागरिक अधिकार संगठनों का मानना है कि यह घटना किसी नागरिक के व्यवसाय करने के संवैधानिक अधिकारों का हनन है.
जयपुर बजट होटल एसोसिएशन ने इस घटना की निंदा की है. एसोसिएशन का कहना है इस घटना से छोटे होटल मालिक डरे हुए हैं.
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