पाक में 'लापता' हुए मौलवी भारत लौटे

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पाकिस्तान में 'लापता' हुए दिल्ली के दोनों मौलवी भारत वापस लौट आए हैं.
दिल्ली के निज़ामुद्दीन दरगाह के प्रमुख मौलाना आसिफ़ निज़ामी और नज़ीम निज़ामी पाकिस्तान के लाहौर में दाता दरबार दरगाह पर गए थे.
उन्हें बुधवार को कराची से भारत वापस लौटने के लिए विमान में सवार होना था. लेकिन इसी बीच उनके 'लापता' होने की खबर आई थी.
19 मार्च को कराची में मौजूद सैयद निज़ाम अली काज़मी से बात करने के बाद सुषमा स्वराज ने बताया था कि वे सुरक्षित हैं.
अब तक का पूरा घटनाक्रम
- सैयद आसिफ़ अली निज़ामी और उनके भतीजे नाज़िम अली निज़ामी 6 मार्च को दिल्ली से पाकिस्तानी विमान सेवा पीआईए से कराची गए थे. ये जानकारी उनके बेटे साजिद निज़ामी ने बीबीसी को दी. हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में उनके जाने की तारीख़ 8 मार्च बताई थी.
- एक हफ़्ते कराची में रुकने के बाद 13 मार्च की सुबह फ़्लाइट से दोनों लोग लाहौर गए. वे वहाँ निज़ामुद्दीन औलिया के गुरु बाबा फ़रीद की दरगाह और एक अन्य दरगाह दाता दरबार पर चादर चढ़ाने गए थे. 13 और 14 मार्च को उन्होंने दोनों दरगाहों पर प्रार्थना की. उन्होंने वहाँ से साजिद निज़ामी को व्हाट्सऐप पर तस्वीरें भी भेजीं.
- 15 मार्च को उन्हें कराची लौटना था. पर लाहौर एयरपोर्ट पर नाज़िम निज़ामी को बोर्डिंग पास लेने के बाद रोक लिया गया. कहा गया कि उनसे पूछताछ करनी है. पर आसिफ़ निज़ामी को जाने दिया गया.
- फ़्लाइट 6 बजे शाम को कराची पहुँची. आसिफ़ निज़ामी ने अपने भांजे वज़ीर निज़ामी को फ़ोन किया कि वे पहुँच गए हैं, उन्हें लेने आ जाएँ, नाज़िम निज़ामी को लाहौर में ही रोक लिया है. भांजे ने कहा कि वे बाहर खड़े हैं. वज़ीर निज़ामी रात दो बजे तक एयरपोर्ट पर रहे मगर आसिफ़ निज़ामी बाहर नहीं आए.

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- 16 मार्च को पीटीआई ने भारत में मौलवियों के गायब होने की रिपोर्ट दी. 17 मार्च को सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर बताया कि भारत सरकार ने इस सिलसिले में पाकिस्तान से संपर्क किया है और उनसे दोनों भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी मांगी है.
- उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है और वे उनसे लगातार संपर्क में हैं. सुषमा ने ये भी लिखा कि उच्चायोग ने पाकिस्तान में भारतीय मौलवियों के मेज़बानों से भी संपर्क की कोशिश की है मगर ऐसा लगता है कि उनपर भारतीय अधिकारियों से बात नहीं करने के लिए दबाव है.
- इस बीच कराची में पुलिस अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि उनकी स्पेशल ब्रांच के पास दोनों भारतीय नागरिकों के कराची पहुँचने के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है. पाकिस्तान जाने वाले भारतीय नागरिकों को हर शहर के स्थानीय थाने में जानकारी दर्ज करवानी होती है.
- उधर, आसिफ़ अली निज़ामी के बेटे ने भी बताया कि पाकिस्तान में उनके रिश्तेदार उनसे बात नहीं कर रहे थे.
- 18 मार्च को इस सिलसिले में सुषमा स्वराज ने सरताज अजीज से बात की. सरताज अज़ीज़ प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार हैं.
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