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'पाकिस्तान से होता रहा है भारत पर चरमपंथी हमला'
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मेजर जनरल महमूद अली दुर्रानी ने माना है कि पाकिस्तान की ज़मीन से भारत में चरमपंथी हमलों को अंजाम दिया जाता रहा है.
दुर्रानी नई दिल्ली में डिफेंस स्टडीज एंड एनालाएज (आईडीसीए) की ओर से आयोजित 19वीं एशियाई सुरक्षा कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे.
दुर्रानी ने कहा, ''मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुआ चरमपंथी हमला पाकिस्तान से संचालित होने वाले समूह ने किया था.''
हालांकि दुर्रानी ने ये माना कि पाकिस्तानी सरकार की उस हमले में कोई भूमिका नहीं थी.
दुर्रानी ने कहा, "हाफिज सईद (पाकिस्तान स्थित चरमपंथी समूह लश्करे-ए-तैयबा के संस्थापक) की कोई उपयोगिता नहीं है, हमें उन पर कार्रवाई करनी चाहिए."
दुर्रानी जब पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे, तब कराची के समुद्री रास्ते से 10 चरमपंथियों ने हमला किया था. तीन दिनों तक चले संघर्ष के बाद भारतीय सुरक्षा बल इस हमले पर काबू पाने में सफ़ल हो पाए थे.
इस हमले में 18 सुरक्षाकर्मियों सहित 166 लोग मारे गए थे. भारतीय सुरक्षाबल सिर्फ़ एक ही चरमपंथी अजमल कसाब को पकड़ने में कामयाब रहे थे. कसाब को नवंबर 2012 में फांसी दे दी गई थी.
उधर, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय से इस मामले की फिर से जांच कराने की मांग की है और जमात उद दावा के मुखिया हाफिज़ सईद पर मुकदमा चलाने की मांग की है.
हाफिज़ सईद को लाहौर में इन दिनों हाउस अरेस्ट जैसी स्थिति में रहना पड़ रहा है, देश में लागू किए नए चरमपंथ-निरोधक क़ानून के बाद हाफिज़ पर सख़्ती बरती गई है.
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