You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
श्रीनिवास को बचाना चाहने वाले हीरो को भारत यात्रा का न्यौता
भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचीवोतला पर गोली चलाने वाले हमलावर को रोकने की कोशिश करने वाले अमरीकी युवक इयन ग्रिलट को भारत आने का न्योता दिया गया है.
कैनसस हॉस्पिटल यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर कहा है कि गुरुवार को भारतीय राजनयिकों ने इयान ग्रिलट से मुलाक़ात की और उन्हें भारत आने का आमंत्रण दिया.
24 साल के इयन इस हमले में घायल हो गए थे. बीते मंगलवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत भारतीय समुदाय ने इयान की बहादुरी की तारीफ़ की थी.
हिंदुस्तान टाइम्स ने इयन के हवाले से कहा कि, "मैं समझता हूं कि अब भारत जाने की एक बेहतर वजह मिल गई है."
22 फ़रवरी को कैनसस के ओलेथ में स्थित ऑस्टिन्स बार एंड ग्रिल रेस्तरां में इयन उस वक्त मौजूद थे जब हमलावर एडम प्यूरिंटन ने दो भारतीय इंजीनयरों श्रीनिवास कुचीवोतला और आलोक मदासानी पर हमला बोला था.
हमलावर ने गोली चलाने से पहले कथित रूप से 'मेरे देश से निकल जाओ' कहा था.
कुचीवोतला की मौत घटना स्थल पर ही हो गई जबकि मदासनी घायल हो गए थे.
इयन ने हमलावर को रोकने की कोशिश की थी और इस दौरान उन्हें हाथ और छाती में गोली लगी थी.
हमलावर अमरीकी नेवी का एक रिटायर्ड सैनिक था जिसने हमले के बाद कथित रूप से बारटेंडर से कहा कि उसने "दो ईरानी नागरिकों को गोली मार दी है."
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कांग्रेस में दिए एक भाषण में भारतीय इंजीनियर के मारे जाने की निंदा की थी. इससे पहले, इस घटना पर कई दिनों तक चुप्पी साधे रखने के लिए उनकी आलोचना हुई थी.