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गुरमेहर का पक्ष लेने वालों को देश से निकाल देना चाहिए: अनिल विज
एबीवीपी के विरोध के बाद डीयू की 20 साल की छात्रा गुरमेहर कौर बीजेपी नेताओं के निशाने पर आ गई हैं.
अब हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के मंत्री अनिल विज ने गुरमेहर कौर को लेकर विवादित बयान दिया है.
उन्होंने कहा कि गुरमेहर कौर का समर्थन करनेवाले और करगिल में उनके पिता की शहादत के लिए जंग को ज़िम्मेदार ठहरानेवाले लोग पाकिस्तान समर्थक हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को देश से बाहर निकालकर फेंक देना चाहिए.
हालाँकि दूसरी तरफ़ इस पूरे विवाद पर केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि गुरमेहर का ट्रोल किया जाना ग़लत है. उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रियों ने कोई ग़लत बयान नहीं दिया है.
एक टीवी चैनल नेटवर्क 18 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सभी को मारे गए सैनिक की बेटी को सम्मान करना चाहिए. प्रसाद ने यह भी कहा कि सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली है लेकिन कश्मीर और बस्तर की आज़ादी की बात ग़लत है.
इससे पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने पूछा था कि उस युवती का दिमाग़ कौन गंदा कर रहा है. उनके इस बयान की कड़ी निंदा हुई थी.
मशहूर फ़िल्मकार जावेद अख्तर ने रिजिजू के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ''गुरमेहर के बारे में तो नहीं पता लेकिन मंत्री का दिमाग़ कौन गंदा कर रहा है यह मुझे पता है.''
डीयू में जेएनयू छात्र उमर ख़ालिद को बुलाने को लेकर एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों में झड़प हुई थी. इसे लेकर गुरमेहर ने कहा था कि उन्हें एबीवीपी से डर नहीं लगता है.
इसके बाद से ही उन पर ऑनलाइन हमले किया जा रहे थे. कुछ लोगों ने गुरमेहर को रेप की भी धमकी दी थी.
इस मामले में सहवाग और रणदीप हुड्डा के ट्वीट को लेकर भी विवाद हुआ. लोगों का कहना है कि सहवाग के ट्वीट के कारण ऑनलाइन ट्रोल करने वालों को बढ़ावा मिला.
गुरमेहर ने एक पुराने वीडियो में कहा था कि उनसे सैनिक पिता को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि युद्ध ने मारा था.
इसे लेकर सहवाग ने ट्वीट किया था कि तिहरा शतक उन्होंने नहीं बल्कि उनके बल्ले ने मारा था.
रणदीप हुड्डा ने इस पर स्माइली दी थी. इस मामले में रणदीप हुड्डा को सफ़ाई देनी पड़ी थी.
अनिल विज इससे पहले भी अपने कुछ बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. इस साल जनवरी में उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी खादी के लिए महात्मा गांधी से बड़ा ब्रांड हैं.
उनके इस बयान की भारतीय जनता पार्टी और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आलोचना की थी जिसके बाद विज ने ट्वीट कर अपना बयान वापस ले लिया.