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मेरे दोस्तों को रेप की धमकी दी गई - गुरमेहर कौर
- Author, हरिता कांडपाल
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज के एक कार्यक्रम में जेएनयू छात्र उमर ख़ालिद के शामिल होने के विरोध में जो विवाद शुरू हुआ वो अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा है. सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर छात्र अपनी आवाज़ उठा रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय की लेडी श्रीराम कॉलज की छात्रा गुरमेहर कौर ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर डाली है जिसमें उनके हाथ में एक तख्ती पर संदेश लिखा है 'मैं एबीवीपी से नहीं डरती.'
उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उनके बाद एबीवीपी के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया.
कई छात्र छात्राओं ने गुरमेहर की तरह ही तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कीं और अपनी प्रोफ़ाइल फ़ोटो बदलकर एबीवीपी का विरोध किया.
गुरमेहर आरोप लगाती हैं, ''मेरी कई सहेलियों को बलात्कार की धमकियां दी गई थी. मेरे कई दोस्तों को मारा गया था पीटा गया था. अपने दोस्तों के समर्थन में मैंने ये विरोध शुरू किया है.''
उनका दावा है, ''यही कारण है कि ये आग की तरह फैला है. मैं अकेली नहीं हूं इस विचार के साथ. पूरे भारत में छात्र हमारे साथ हैं जो मानते हैं कि हम एक छात्र संगठन के ख़िलाफ़ खड़े हों जो लोग गुंडागर्दी को बढ़ावा देता है.''
ऐसा नहीं है कि उन्हें सिर्फ़ सोशल मीडिया पर समर्थन मिला. एबीवीपी के समर्थन में कुछ लोगों ने गुरमेहर पर निशाना भी साधा.
गुरमेहर कहती हैं, ''सोशल मीडिया पर मुझे काफ़ी ट्रोल किया गया और कई लोगों ने मुझे राष्ट्रविरोधी कहा. जिन्होंने राष्ट्रवाद के नाम पर मेरा मज़ाक उड़ाया है उस पर मैं कहूंगी कि ये कोई मज़ाक नहीं है.''
गुरमेहर ने कहा, ''मेरे घर में सबने मुझे यही सिखाया है कि सही बात के लिए खड़े होना चाहिए, अपनी आवाज़ उठानी चाहिए.''
वो कहती हैं कि जिस तरह सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है, परिवार में इसे लेकर चिंता ज़रूर है फिर भी परिवार के लोग उन्हें अपनी आवाज़ उठाने की प्रेरणा देते हैं.
गुरमेहर का कहना है कि वो किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं जुड़ी हैं. वो कहती हैं कि भारत की रीढ़ संविधान है जिसमें मूलभूत अधिकार दिए गए हैं. अगर कोई भी मूलभूत अधिकार छीनता है तो राष्ट्रवाद नहीं होता.
गुरमेहर मानती हैं, ''दिल्ली विश्वविद्यालय में जो हुआ वो राजनीतिक कलह नहीं बल्कि छात्रों के साथ हुआ अत्याचार था. विश्वविद्यालय परिसर में डर का माहौल बन गया है और जो भी दल डर का माहौल पैदा करने की कोशिश करेगा हम उससे यही कहेंगे कि हम डरते नहीं हैं.''
वहीं एबीवीपी की नेता प्रियंका छावरी जो दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की उपाध्यक्ष भी हैं, उनका कहना है कि ये विरोध केवल एबीवीपी का नहीं बल्कि रामजस कॉलज के छात्रों का भी विरोध है. वो कहती हैं कि जब कश्मीर को लेकर नारे लगेंगे और देश को बांटने की बात होगी तो वो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
प्रियंका का कहना है कि एबीवीपी को युवाओं में भरपूर समर्थन मिल रहा है और एबीवीपी एक राष्ट्रवादी संगठन है जिसने हमेशा छात्रों और देश के मुद्दों पर ग़लत के खिलाफ़ आवाज़ उठाई है.
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