'बलात्कार पीड़ित' की मां पर मामला वापस लेने का दबाव

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- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
बिहार के एक हॉस्टल में मरी पाई गई लड़की की मां पर पैसे लेकर शिकायत वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है.
बीते 8 जनवरी को वैशाली के राजकीय अम्बेडकर आवासीय गर्ल्स हाई स्कूल के होस्टल में एक छात्रा मृत पाई गई थी.
बिहार में इस मौत के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन चल रहा है. गुरूवार को भी राजधानी पटना में महिला संगठन ऐपवा, छात्र संगठन आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा ने मार्च निकाला.

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दूसरी ओर, कुछ लोग मृतक की मां पर तरह तरह से दवाब डाल रहे हैं कि वह किसी तरह भी शिकायत वापस ले ले.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "मेरे पास रात को 10 बजे, 11 बजे लोग पैसे ले कर आते हैं, कहते हैं पैसा ले लो और मामला वापस ले लो. लेकिन हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए. मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी से बलात्कार करने वालों को सज़ा मिले."
पटना में निकाले गए मार्च में शामिल हुए प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार के पहलू की जांच हो.
प्रदर्शनकारियों ने यह मांग भी की है कि छात्रा के रिश्तेदारों को 20 लाख का मुआवज़ा दिया जाए और सरकार हॉस्टल की सुरक्षा के पुख़्ता इंतजाम करे.

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ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने बीबीसी से कहा, "हमारा कहना है कि कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राएं यौन शोषण का शिकार हो रही है. सरकार इसकी जांच कराए."
बच्ची के परिवार का आरोप है कि सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या की गई है. लेकिन, वैशाली पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है.
इस वारदात के बाद सभी 345 छात्राएं हॉस्टल छोड़कर चली गई हैं. प्रशासन का दावा था कि ये लड़कियां जल्द वापस आ जाएगीं.
लेकिन छात्राओं के अभिभावकों के अनुसार कोई लड़की हॉस्टल वापस नहीं गई है.












