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प्रेस रिव्यूः मुस्लिम स्कूल का हिंदू नाम रखने की माँग
हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि त्रिपुरा के उनाकोटी ज़िले में एक गांव है जुबराजनगर जो पूरी तरह मुस्लिम बहुल है लेकिन यहां मुस्लिम लड़कियों के एक स्कूल का नाम एक हिंदू महिला के नाम पर रखने की मांग उठ रही है.
जुबराजनगर में अकेली हिंदू महिला सुमति सूत्रधार ने 1999 में अपने पति की मौत के बाद अपनी ज़मीन शिक्षा विभाग को देने का फ़ैसला किया था.
पिछले साल 29 दिसंबर को उनका निधन हो गया था. शुरुआत में कुछ मुसलमानों ने उनकी ज़मीन पर बनने वाले स्कूल का विरोध किया था लेकिन पिछले 17 सालों में यहां से 550 से ज़्यादा छात्राएं पढ़ चुकी हैं.
सुमति सूत्रधार इसी स्कूल में एक छोटे से कमरे में रहती थीं.
अब गांववाले चाहते हैं कि उन्होंने अपनी ज़मीन दान देकर गांव की बच्चियों का भविष्य रोशन किया इसलिए इस स्कूल का नाम सुमति सूत्रधार के नाम पर रख दिया जाए.
इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि केरल के मालापुरम ज़िले के नेदुमकायम गांव जिसे पहला कैशलेस आदिवासी गांव घोषित किया गया वहां न तो पानी है, न बिजली है, न शौचालय.
27 दिसंबर को मालापुरम के ज़िलाधिकारी ने नेदुकायम गांव के 27 लोगों के खातों में डिजिटल ट्रांज़ेक्शन के ज़रिए पांच रुपए ट्रांसफर किए थे और इसे देश का पहला कैशलेस आदिवासी गांव घोषित किया था.
हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि भारत में 285 ज़िला सहकारी बैंकों में 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद चार कामकाजी दिनों में छह गुना ज़्यादा नक़दी जमा हुई है.
अख़बार के मुताबिक़ बैंक में लेन-देन के डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि ज़िला सहकारी बैंकों ने आठ नवंबर से 14 नवंबर के बीच सरकारी बैंकों में 3,051 करोड़ रुपए जमा कराए हैं जबकि सात नवंबर को बैंकों ने 496.88 करोड़ रुपए जमा कराए हैं.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि समाजवादी पार्टी की अंतर्कलह में अखिलेश यादव का पलड़ा भारी नज़र आ रहा है. ऐसे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनावी समझौते की तरफ़ बढ़ रहे हैं.
अखिलेश यादव अगले हफ़्ते नौ जनवरी को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं. इसमें कांग्रेस को चुनाव में 90-105 सीटों पर लड़ने का मौका मिल सकता है.
द हिंदू ने लिखा है कि वाइब्रेंट गुजरात समिट में हिस्सा लेने के लिए आ रहे कनाडा के दल की अगुवाई टाडा कानून के तहत पूर्व में पकड़े गए अमरजीत सोही करेंगे.
एक समय में उन्हें खालिस्तानी चरमपंथी करार दिए गए के तार नक्सलियों, एलटीटीई से जुड़े बताए जाते थे.
अमरजीत सोही कनाडा में मूलभूत ढांचा और सामुदायिक मामलों के मंत्री हैं.
1988 में 24 वर्षीय अमरजीत सोही कनाडा चले गए थे, उनका परिवार पंजाब के संगरूर का रहने वाला है. वो भूमि अधिकार को लेकर थिएटर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भारत लौटे थे तब उन्हें टाडा कानून के तहत पकड़ा गया था.
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