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'50 दिनों के बाद क्या मोदी इस्तीफ़ा देंगे?'
नोटबंदी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में बुलाई गई बैठक में वामदल और जनता दल यूनाइटेड शामिल नहीं हुए.
लेकिन कांग्रेस के अलावा तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल सेक्यूलर, झारखंड मुक्ति मोर्चा और एआईयूडीएफड जैसे दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बैठक के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, "प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि वो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं, लेकिन अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब नहीं देते हैं."
नोटबंदी के मुद्दे वो बोले- ''ऐसा वित्तीय प्रयोग दुनिया के किसी देश में नहीं हुआ है, शायद चीन के माओ के समय में हुआ हो, लेकिन कहीं और नहीं हुआ. प्रधानमंत्री ये भी बताएं कि नोटबंदी के फ़ैसले को क्यों लागू किया गया, लक्ष्य क्या था? काला धन लक्ष्य नहीं, कैशलैस नहीं है तो फिर क्या?"
जवाब नहीं दे रहे हैं मोदी जी
राहुल गांधी ने इस मौके पर एक बार फिर आरोप लगाया कि बिड़ला समूह और सहारा समूह ने नरेंद्र मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पैसे दिए थे. भाजपा इन आरोपों को पहले ही सिरे ख़ारिज कर चुकी है.
नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नुकसान हुआ है उसके लिए ज़िम्मेदार कौन है, उसके लिए पीएम क्या करेंगे?
लेकिन राहुल के साथ इस बैठक में बैठी ममता बनर्जी ने कहा, "नोटबंदी बड़ा घोटाला है, आज़ादी के बाद सबसे बड़ा घोटाला. बिनी किसी योजना के लागू किया गया, किसान से मज़दूर तक, दुकानदार से इंडस्ट्री तक हर कोई रो रहा है."
सुपर इमर्जेंसी का दौर
ममता बनर्जी ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा- "अच्छे दिन का ये नमूना है कि एनपीए (नॉन परफॉर्मिगं एसेट) के नाम पर गरीब लोगों का पैसा लूटकर अमीर लोगों को दे रहे हैं. पीएम ने 50 दिन का टाइम मांगा था, अब तीन दिन बाक़ी हैं. प्रधानमंत्री क्या इस्तीफ़ा दे देंगे?"
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ममता ने आरोप लगाया- "47 दिन में देश 20 साल पीछे चला गया है, सारी डेवेलपमेंट पीछे चली गई है. 50 दिन के बाद क्या होगा, इसका भविष्य क्या होगा?"
उन्होंने कहा- "आप फ़कीर हैं, तकलीफ़ के बावजूद आम जनता ने आपको वक्त दिया है. लेकिन अब क्या होगा?
ममता बनर्जी ने केंद्र पर राज्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया- "केंद्र सरकार ने फेडरल स्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया. असम को पैसा देता है, पर पश्चिम बंगाल को नहीं देता. उत्तर प्रदेश में चुनाव है, 5000 करोड़ रुपये दे दिए, पर दूसरे राज्यों में नहीं दिए. सुपर इमर्जेंसी का दौर है."
विपक्ष के नेताओं ने ये भी आरोप लगाया है कि नोटबंदी पर सरकार की ओर से संसद में कोई बयान नहीं आया है जबकि इतना बड़ा फ़ैसला ले लिया.
बीजेपी का राहुल पर निशाना
इन दलों ने ये भी कहा कि नोटबंदी के मुद्दे पर न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाएंगे और भविष्य में एक साथ काम करेंगे.
विपक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष की एकता का गुब्बारा फट गया है.
उन्होंने ये भी कहा, "राहुल गांधी जिस तरह के आरोप प्रधानमंत्री पर लगा रहे हैं, उससे दिन प्रतिदिन उनकी राजनीतिक परिपक्वता ज़ाहिर हो रही है."
रविशंकर प्रसाद ने नोटबंदी के मुद्दे पर संसद को विश्वास नहीं लेने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि सरकार के वित्त मंत्री बोलने के लिए तैयार थे, प्रधानमंत्री तैयार थे, लेकिन विपक्ष ने संसद चलने नहीं दी.
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