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जब अकाउंट में आ गए करीब सौ करोड़ रूपए
- Author, सुशीला सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
मेरठ की रहने वाली शीतल यादव और उनके पति जिलेदार सिंह यादव उस समय चौंक गए जब उन्होंने अपने जनधन अकाउंट में करीब 100 करोड़ रुपए का बैलेंस देखा.
एक निजी कंपनी में काम करने वाले जिलेदार यादव कहते हैं कि उन्होंने ऐसी अफ़वाहें सुनी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनधन अकाउंट में पैसा जमा करा रहे हैं.
ये अफ़वाह सुन कर उनकी पत्नी और वे बैंक बैलेंस चैक करने के लिए पहले एक्सिस बैंक के एटीएम में गए. ये अकाउंट उनकी पत्नी के नाम था. जब उन्होंने स्लिप निकाली तो वो भौंचक्के रह गए और अपनी आंखों पर भरोसा नहीं कर पाए.
जिलेदार सिंह यादव का कहना था, ''हम जानते हैं कि ये अफ़वाह थी कि मोदीजी सबके जनधन अकाउंट में पैसा जमा करा रहे हैं लेकिन मेरी पत्नी ने कहा कि हमें अपना बैलेंस चैक कर लेना चाहिए. वो इतवार का दिन था. हमने एक्सिस बैंक के एटीएम में चैक किया, हम हैरान हो गए फिर हम दो तीन एटीएम में गए लेकिन नतीजा वही था 99,99,99,339 रुपए.''
जिलेदार सिंह यादव ने कहा कि मैंने इस बारे में अर्ज़ी लिखकर बैंक वालों को सूचित करने की कोशिश की थी, लेकिन कर्मचारियों ने अर्ज़ी स्वाकीर नहीं की.
उन्होंने अर्ज़ी के बारे में बताया , ''मैंने अर्ज़ी में लिखा कि मेरे अकाउंट में इतना बैलेंस है और उसे ठीक करने की अपील की, लेकिन बैंकवालों ने जवाब दिया कि मैनेजर आएंगे तभी करेंगे. मैनेजर का ट्रांसफर हो गया था. किसी ने सुनवाई नहीं की और मैं वापस आ गया .''
जिलेदार सिंह यादव के मुताबिक उनके बैंक में केवल 611 रुपए थे.
वे बताते हैं, '' मैंने 19 तारीख को ही पीएमओ ऑफिस और आईटी विभाग को इस बैंक बैलेंस के बारे में मेल किया था जिसमें बैंक की पूरी जानकारी भी दी थी.''
जिलेदार सिंह यादव कहते हैं, ''बैंक के तीन अधिकारी सोमवार को मेरे दफ़्तर आए थे. उन्होंने कहा कि केवाईसी नहीं था इसलिए गलती हो गई. साथ ही बैंक वाले ये भी कह रहे थे कि उनकी पत्नी का अकाउंट होल्ड कर दिया गया था. मेरे पास इसकी पूरी जानकारी नहीं है लेकिन वो अपना बचाव कर रहे थे और मैंने मीडिया में जानकारी देकर अपना बचाव किया है.''
शीतल यादव कहती हैं कि मुझे मेल में क्या लिखा गया इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है. वे हंसते हुए कहती है कि परेशानी हुई, इतना शोरशराबा हुआ और हमें कुछ इनाम भी नहीं मिला.