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साइरस मिस्त्री ने टाटा की सभी कंपनियों से इस्तीफ़ा दिया
टाटा समूह के चेयरमैन पद से हटाए गए साइरस मिस्त्री ने टाटा स्टील और टाटा मोटर्स समेत टाटा समूह की सभी कंपनियों के बोर्ड से इस्तीफ़ा दे दिया है.
कंपनी के बोर्ड से उन्हें हटाने के लिए बुलाई गई बैठकों से पहले साइरस मिस्त्री ने इस्तीफ़े का एलान किया.
एक वीडियो संदेश में साइरस मिस्त्री ने कहा कि इस्तीफ़े के बावजूद वो टाटा समूह के हितों के लिए लड़ते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग्स के मंच से अलग ये लड़ाई जारी रहेगी.
टाटा संस लिमिटेड ने साइरस के इस्तीफ़े के बाद बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि साइरस मिस्त्री जानते थे कि ज़्यादातर शेयर धारक उनके समर्थन में नहीं है इसलिए उन्होंने रणनीति के तहत इस्तीफ़ा दिया है.
इस बयान में कहा गया है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि साइरस मिस्त्री जिस समूह के लिए सम्मान की बात करते हुए उसके बारे में चुने हुए विषयों पर बोलते हैं और आधारहीन, अप्रमाणित और द्वेषपूर्ण आरोप लगाते हैं.
चार साल तक टाटा समूह की कमान संभालने के बाद साइरस मिस्त्री को अक्तूबर में चेयरमैन पद से हटा दिया गया था.
टाटा समूह से साइरस मिस्त्री की विदाई के बाद से उनके और समूह के प्रमोटर टाटा संस के बीच सार्वजनिक रूप से लड़ाई जारी है.
रतन टाटा फ़िलहाल टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन हैं.
साइरस मिस्त्री का परिवार टाटा समूह में सबसे बड़ा शेयर धारक भी हैं.
साइरस मिस्त्री ने रतन टाटा पर काम में दखलअंदाज़ी का आरोप लगाया था. टाटा संस ने कहा है कि वो 2006 से टाटा संस के निदेशक रहे हैं और चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद वो अचानक सभी फ़ैसलों को लेकर आरोप लगाने लगे जिसका वो ख़ुद हिस्सा रहे थे.
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