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क्या खिलाड़ी अब मास्क लगाकर खेलेंगे?
नवंबर यूं तो उत्तर भारत में ग़ुलाबी ठंड लाने के लिए जाना जाता था, लेकिन इस बार उसकी आमद धुएं का वो ग़ुबार लाई कि राजधानी की सांस उखड़ने लगी, आंखें जलने लगीं.
राजधानी बीते कई साल से प्रदूषण से जूझ रही है, पर ऐसा पहली बार हुआ कि सेहतमंद लोगों को भी माहौल में हवा कम, ज़हर ज़्यादा मिला.
जब आम लोगों का ये हाल है कि तो उनकी क्या हालत होगी, जिन्हें लगातार भागते-दौड़ते रहना है, नियमित वर्जिश करना जिनकी आदत ही नहीं, ज़रूरत भी है. हम बात कर रहे हैं खिलाड़ियों की, जिनके खेलने पर हवा ने रोक लगा दी है.
प्रदूषण ने दिल्ली में खेले जाने वाले रणजी ट्रॉफ़ी के दो मैच रद्द करा दिए. फ़िरोज़शाह कोटला में खेला जाने वाला गुजरात बनाम बंगाल और करनैल सिंह स्टेडियम में खेला जाने वाला हैदराबाद बनाम त्रिपुरा का मैच रविवार को दूसरे दिन बिना एक गेंद डाले रद्द घोषित कर दिया गया.
खिलाड़ियों ने मैच के पहले दिन भी आंखों में जलन की शिकायत की थी और दूसरे दिन भी हालत नहीं सुधरे. सूरज देर से निकला भी, लेकिन धूल-धुएं के ग़ुबार का कुछ नहीं बिगाड़ पाया.
मैदान में खिलाड़ी मास्क पहने नज़र आए. खेल होता, तो शायद मास्क पहनकर ही खेलना पड़ता.
इसे लेकर भारत के पूर्व क्रिकेटर और दिल्ली में ही अपना पूरा क्रिकेट जीवन बिता चुके अतुल वासन ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि इतने ख़राब हालात में मैच कैसे खेले जा सकते हैं.
उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि सरकार ठोस कदम उठाए वर्ना दिल्ली के खिलाड़ी कहां जाएंगे?"
वासन ने कहा कि मैच भले बाहर खेल लिए जाएं, लेकिन दिल्ली के खिलाड़ियों को अभ्यास तो यहीं करना होगा, ऐसे में इस दिशा में जल्द क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है.
देश के सबसे कामयाब पहलवान सुशील कुमार भी इन हालात से बेहद चिंतित हैं.
छत्रसाल स्टेडियम में मौजूद दिल्ली सरकार के विशेष खेल अधिकारी और ओलंपिक विजेता पहलवान सुशील ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा कि इन दिनों कोई भी खिलाड़ी ठीक से अभ्यास नहीं कर पा रहा. इनमें पहलवानों के अलावा दूसरे खेलों के खिलाड़ी भी शामिल हैं.
सुशील ने कहा, "वैसे तो इन दिनों अभ्यास के लिए इंडोर स्टेडियम भी हैं, लेकिन हवा इतनी ख़राब हो चुकी है कि भीतर भी अभ्यास करना मुश्किल है. इस समस्या का समाधान जितना जल्दी हो जाए उतना ही अच्छा है."
दिवाली की आतिशबाज़ी और पड़ोसी राज्यों में खेतों में आग लगाने से दिल्ली में रहना दूभर होता जा रहा है.
कोटला में मैच खेलने पहुंची बंगाल टीम के कोच साइराज बहुतुले ने ईएसपीएनक्रिकइंफो को बताया, "टीमों को दोपहर बाद सवा तीन बजे बताया गया कि मैच रद्द कर दिया गया है. हमारी आंखें जल रही थीं. कुछ खिलाड़ियों को सिरदर्द की शिकायत थी. प्रदूषण अपने अधिकतम स्तर पर था. अपने पूरे क्रिकेट करियर में पहली बार मुझे इस तरह के हालात का सामना करना पड़ा."