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बारामूला हमला: जवान की मौत, चरमपंथी फरार
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के बारामूला ज़िले में रविवार रात हुए चरमपंथी हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "हमारी सेना के जवान ऐसी घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं."
राजनाथ सिंह सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने दो दिनों के दौरे पर सोमवार को लद्दाख पहुंचे. वहां मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ऐसा कहा.
रविवार रात बारामूला के सेना के 46 राष्ट्रीय राइफ़ल्स के कैंप के पास चरमपंथी हमला हुआ.
भारतीय सेना की उत्तरी कमान ने ट्वीट कर बताया है, "बारामूला में हमला, हालात काबू में हैं."
हमले में अर्ध सैनिक बल के एक जवान की मौत हो गई है जबकि दो जवान घायल हुए हैं. सेना के भी दो जवान घायल हुए हैं.
बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर के मुताबिक़ ये हमला उड़ी के पास जानबाज़पुरा में रविवार रात साढ़े दस बजे हुआ.
जहां हमला हुआ है वो इलाक़ा उड़ी के सैन्य मुख्यालय से तीस किलोमीटर की दूरी पर है.
बारामुला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) इम्तियाज़ हुसैन ने मीडिया को बताया कि दो-चार आतंकियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक पोस्ट पर हमला किया.
उन्होंने बताया कि सेना और बीएसएफ के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और आंतकियों को खदेड़ दिया. लेकिन इस कार्रवाई में एक जवान की मौत हो गई और एक जख़्मी हो गया.
एसएसपी ने बताया, ''कैंप के आसपास की बस्ती को देखते हुए सेना को कार्रवाई में दिक्कत हुई. अगर सेना तेज़ी से कार्रवाई करती तो नागरिकों के हताहत होने की आशंका थी. उन्होंने कहा कि आतंकी घरों की आड़ लेते हुए फरार हो गए.''
बीएसएफ़ के महानिदेशक ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को हमले की जानकारी दी है.
हमले के बात आसपास के इलाक़े में खोज अभियान भी चलाया जा रहा है.
बारामुला हमले की ख़बर आने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक (डीजी) से बात कर हालात की समीक्षा की. गृहमंत्रालय स्थिति पर नज़र बनाए हुए है.
बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर के मुताबिक़ अभी तक ये नहीं बताया गया है कि ये हमला घुसपैठियों ने किया है या स्लिपर सेल ने किया है.
सवाल उठ रहा है कि इतनी भारी सैन्य मौजूदगी वाले इलाक़े में किस तरह चरमपंथी भारी सुरक्षा के सैन्य कैंप तक पहुँच पाए.
सेना के सूत्रों ने बीबीसी को जानकारी दी है कि चरमपंथी सेना के कैंप में घुस नहीं पाए.
बीएसएफ़ के मुताबिक अख्नूर सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से भारी गोलीबारी हुई है. ये 48 घंटे में चौथा युद्ध विराम उल्लंघन है.
भारतीय सेना ने हाल ही में नियंत्रण रेखा पर चरमपंथियों पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया था.
जिसके बाद सेना ने हमलों का अंदेशा जाहिर करते हुए हाई अलर्ट भी किया था.
18 सितंबर को उड़ी में सेना के कैंप पर हुए हमले में 17 जवान मारे गए थे. दो घायल जवानों ने बाद में दम तोड़ दिया था.
इस समय भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है.
एहतियात के तौर पर भारत और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाक़ों से गांवों को खाली भी करवाया जा रहा है.
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