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अरुणाचल में सीएम समेत 43 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी
अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री पेमा खांडू सहित 43 विधायक पार्टी छोड़कर पीपुल्स पार्टी ऑफ़ अरुणाचल प्रदेश (पीपीए) में शामिल हो गए हैं.
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने पीपीए में कांग्रेस का विलय करने की सूचना विधानसभा अध्यक्ष को दे दी है.
स्थानीय पत्रकार दिलीप शर्मा ने बताया अरुणाचल में कांग्रेस के कुल 46 विधायक हैं और अब पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी सहित सिर्फ तीन विधायक ही कांग्रेस में बचे हैं.
इनमें भूतपूर्व विधानसभा अध्यक्ष नबाम राबिया भी शामिल हैं.
अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यों वाली विधानसभा में 47 विधायक कांग्रेस के हैं और 2 निर्दलीय विधायक हैं. जबकि 11 विधायक भाजपा के हैं.
इनमें से मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में 44 विधायक शुक्रवार को पीपुल्स पार्टी आफ अरुणाचल प्रदेश (पीपीए) में शामिल हो गए.
दो महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत मुख्यमंत्री कालिखो पुल की सरकार को बर्खास्त कर राज्य में फिर से कांग्रेस की सरकार को बहाल किया था.
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नबाम तुकी की जगह पेमा खांडू को अपना नया मुख्यमंत्री बनाया.
पीपीए राज्य की वही क्षेत्रीय पार्टी है जिसमें कालिखो पुल अपने 22 बागी विधायको के साथ शामिल हो गए थे और बीजेपी के समर्थन से प्रदेश में सरकार बनाई थी. लेकिन पुल की सरकार केवल पांच महीने ही चल पाई.
कालिखो पुल ने सरकार बर्खास्त होने के कुछ दिन बाद अगस्त में आत्महत्या कर ली थी.
अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस में राजनीतिक संकट नया नहीं है.
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री नबाम तुकी की सरकार अस्थिर होने के बाद प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में राष्ट्रपति शासन हटा दिया था.
जुलाई में ही नबाम तुकी की जगह पेमा खांडू को कांग्रेस की कमान सौंपी गई थी.
वहीं राष्ट्रपति ने बीते सप्ताह अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा को पद से हटा दिया था.
उनकी जगह मेघालय के राज्यपाल वी शणमुगनाथन को राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है.