पीएम मोदी का सवाल, देश बताए, वंदेमातरम कहने का अधिकार किसे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 125वीं वर्षगांठ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशताब्दी के मौके पर युवाओं को संबोधित करते हुए महिलाओं सुरक्षा से लेकर दलित उत्पीड़न जैसे विषयों पर तीखी टिप्पणी की.

पीएम मोदी ने महिलाओं के सम्मान पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पूछना चाहते हैं कि क्या नौजवान नारी का सम्मान करते हैं.

इसके साथ ही पीएम मोदी ने रवींद्र नाथ टैगोर पर बात करते हुए कहा कि वह जब भी बाहर जाते हैं तो वह गर्व महसूस करते हैं जब वह बताते हैं कि टैगोर ने भारत समेत बांग्लादेश और श्रीलंका का भी राष्ट्रगान लिखा है.

क्या हम नारी का सम्मान करते हैं?

प्रधानमंत्री मोदी ने नारी सम्मान पर कहा, "क्या अपने समाज़ में हम बुराइयों से नहीं लड़ेंगे. क्या हम स्वीकार कर लेगें, अमरीका की धरती पर विवेकानंद की ब्रदर्स एंड सिस्टर्स कहें और हम नाच उठें लेकिन मैं नौजवानों को विशेष रूप से कहना चाहूंगा कि क्या हम नारी का सम्मान करते हैं क्या?

"हम लड़कियों के प्रति आदर भाव से देखते हैं क्या, जो देखते हैं उन्हें मैं सौ बार नमन करता हूं लेकिन जो नारी के भीतर मानव नहीं देख पाते, उसे बराबरी से नहीं देख पाते हैं तो विवेकानंद के ब्रदर्स एंड सिस्टर्स कहने पर ताली बजाने से पहले हमें ये पचास बार सोचना चाहिए कि क्या हमें इसका हक़ है भी या नहीं."

क्या हमें वंदेमातरम कहने का हक है?

पीएम मोदी ने कहा, "आज जब मैं आया तो इतनी पूरी ताक़त से लोगों को वंदेमातरम कहते सुन रहा था. रोंगटे खड़े हो गए थे. दिल के अंदर भारत भक्ति का भाव जाग जाता है लेकिन मैं पूरे हिंदुस्तान से पूछ रहा हूं कि क्या हमें वंदेमातरम कहने का हक़ है."

"मैं जानता हूं कि मेरी बात कई लोगों को चुभेगी. हम रोज़ कूड़ा-कचड़ा करके मां पर फेंके और फ़िर वंदेमातरम बोलें. लोग पान खाकर पिचकारी मारें फ़िर वंदेमातरम बोलें. इस देश में वंदेमातरम बोलने का सबसे पहला हक़ सफ़ाई कर्मचारियों को है. हमारे मन में अगर डॉक्टर से भी ज़्यादा आदर सफ़ाई कर्मचारियों के प्रति हो तभी वंदेमातरम कहें"

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