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पूरब और पश्चिम को क़रीब लाने की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूरब और पश्चिम के बीच बेहतर समझ पैदा करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के एक कलाकार ने सर्फ़बोर्ड पर इस्लामी कला को पेश किया है. सर्फबोर्ड पानी पर फिसलने वाली बोर्ड होती है. फ़िलिप जॉर्ज नामक कलाकार को इसकी प्रेरणा अपने मध्य पूर्व के दौरे और वर्ष 2005 में सिडनी में होने वाले दंगे रहे जिसमें सिडनी के समुद्री तट पर ऑस्ट्रेलिया के लेबनानी मूल के नागरिकों को निशाना बनाया गया था. जॉर्ज ने अपने सर्फबोर्डों की प्रदर्शनी का नाम 'इंशाअल्लाह' दिया है और ये प्रदर्शनी सिडनी में चल रही है. जॉर्ज ने कुल 30 सर्फ़बोर्ड बनाए गए हैं जिसमें ऑस्ट्रेलिया की समुद्र तट की संस्कृति और इस्लामी संस्कृति का समागम दिखाने की कोशिश की गई है. जॉर्ज को आशा है कि उनकी ये प्रदर्शनी पूरब, पश्चिम और ऑस्ट्रेलिया को क़रीब लाने सहित धार्मिक और सांस्कृतिक दूरियों को कम करने में मददगार साबित होगी. उनका कहना था," मैंने इस प्रदर्शनी के ज़रिए इस्लामी कला और अपनी दिलचस्पी का ध्यान रखते हुए ऑस्ट्रेलियाई लोगों के सामने पेश किया है." संवाददाताओं के अनुसार ये पहली बार नहीं है जब किसी कलाकार ने ऑस्ट्रेलियाई तट की संस्कृतिक पहचान को कलाकारी में प्रयोग किया हो. |
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