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टीवी कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में टेलीविज़न चैनलों के लिए सीरियल बनाने वाले प्रोडक्शन हाउसों के टेक्नीशियन, लाइटमैन, कैमरामैन और अन्य कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई. प्रोडक्शन हाउसों के ये कर्मचारी अपनी विभिन्न माँगों को लेकर एक नवंबर से हड़ताल पर चले गए थे. इससे पिछले कुछ दिनों से टीवी चैनलों पर धारावाहिकों के पुराने एपिसोड ही दिखाए जा रहे थे. हड़ताल समाप्त होने के बाद अब लोग विभिन्न टीवी चैनलों पर अपने पसंदीदा सीरियलों के नए एपीसोड देख पाएँगे. ये कर्मचारी अपना वेतन बढ़ाने, शूटिंग के दौरान ब्रेक और शूटिंग स्थल पर सुविधाएँ बढ़ाने की माँग पिछले काफ़ी समय से कर रहे थे. बुधवार को कर्मचारियों की यूनियन फ़ेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईएमपीपीए) के बीच हुई बातचीत में हड़ताल ख़त्म करने का फ़ैसला किया गया. समाचार एजेंसियों के मुताबिक धारावाहिक निर्माताओं ने इन कर्मचारियों का वेतन साढ़े सात फ़ीसदी बढ़ाने का वादा किया है. सुधरेगी स्थिति बीबीसी के मुंबई स्थित संवाददाता दुर्गेश उपाध्याय से बातचीत में फ़ेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ के अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने बताया कि अब कर्मचारियों और निर्माताओं के बीच काम को लेकर एक सीधा समझौता होगा. उन्होंने बताया कि अब स्पॉट ब्याय को हर महीने पंद्रह हज़ार तीन सौ रुपये की तनख़्वाह दी जाएगी और कर्मचारियों के काम का समय सुबह नौ बजे से रात 10 बजे तक का होगा. अगर इसके बाद उनसे काम लिया जाता है तो निर्माता को उन्हें ओवरटाइम देना होगा. इस समझौते के बाद अब किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाना भी असान नहीं होगा. किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाने से एक महीने पहले उसे नेटिस देना होगा. फ़ेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़ के एक लाख कर्मचारी सदस्य है. इसके एक सदस्य सुधाकर शर्मा ने हड़ताल ख़त्म होने के बाद कहा कि यह बहुत अच्छा हुआ कि हड़ताल ख़त्म हो गई. कर्मचारियों की हड़ताल ख़त्म होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सोमवार से टीवी चैनल पर धारावाहिकों के नए एपिसोड दिखाए जाएँगे. इस हड़ताल की वजह से टीवी पर दिखाए जाने वाले सीरियलों के नए एपीसोड नहीं बन पा रहे थे. इससे इन चैनलों पर सीरियलों के पुराने एपीसोड ही दिखाए जा रहे थे. |
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