BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 22 अप्रैल, 2008 को 23:31 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बामियान में मिले सबसे पुराने तैल चित्र
बामियान की बुद्ध प्रतिमा
बामियान की बुद्ध प्रतिमाओं को तालेबान के समय में ध्वस्त करने का प्रयास किया गया
पेरिस, ब्रिटेन या अन्य यूरोपीय देशों के इस तर्क पर इतराने के दिन अब जाते नज़र आ रहे हैं जिसके मुताबिक तैल चित्र बनाने की परंपरा यूरोप में शुरू हुई.

तैल चित्रों यानी ऑयल पेंटिंग की शुरुआत यूरोप से नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप से हुई है. ये कहना है यूरोप, अमरीका और जापान के वैज्ञानिकों के एक दल का.

जिन चित्रों के आधार पर वैज्ञानिक दल यह बात कह रहा है, वे गौतम बुद्ध के हैं और ये अफ़ग़ानिस्तान के बामियान की गुफ़ाओं में हैं.

इस ताज़ा खोज से साफ़ पता चलता है कि पूरब में सबसे पहले तैल चित्र बनाने की शुरुआत हुई.

यूरोपीय कला के इतिहास की किताबों में अभी तक यह पढ़ाया जाता है कि ऑयल पेंटिंग की शुरुआत यूरोप में 15वीं शताब्दी में हुई.

पर ताज़ा वैज्ञानिक शोध से ये बात ग़लत साबित हुई है.

बामियान की कला

इस दल का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के बामियान में जो तैल चित्र मिले हैं वो 7वीं शताब्दी के हैं यानी यूरोपीय तैल चित्रों से कोई 800 साल पहले के.

यूरोप, अमरीका और जापान के वैज्ञानिकों के एक दल ने संयुक्त राष्ट्र की संस्था युनेस्को की मदद से ये शोध किया है.

गौतम बुद्ध की दो विशाल मूर्तियाँ काबुल से 250 किलोमीटर दूर बामियान में हैं जिनके पास लगभग 50 गुफ़ाएँ हैं.

ये वही विश्वप्रसिद्ध मूर्तियाँ हैं जिनको तालेबान चरमपंथियों ने वर्ष 2001 में ध्वस्त करने की कोशिश की थी और इन्हें भारी नुकसान पहुँचाया था.

 दुनिया में इससे पुराने तैल चित्र कहीं नहीं मिले हैं. प्राचीन काल में रोम और मिस्र की सभ्यता के समय दवाओं और प्रसाधनों में तेल का उपयोग तो किया जाता था लेकिन बामियान से पुराने तैल चित्र नहीं मिले हैं
योको तानिगुची, शोधदल की प्रमुख

इतिहासकार बताते हैं कि इन मूर्तियों के पास की गुफ़ाओं में किसी समय में बौद्ध भिक्षु पूजा अर्चना करते थे और ध्यान लगाते थे.

इन 50 कंदराओं में से 12 में तैल चित्र मिले हैं. उदाहरण के लिए एक तैल चित्र में सिंदूरी रंग के कपड़े पहने गौतम बुद्ध बैठे हैं और उनके आस-पास मिथकीय जीव जंतु दिखाए गए हैं.

अदभुत शोध

वैज्ञानिकों के दल की नेता योको तानिगुची का कहना है, "दुनिया में इससे पुराने तैल चित्र कहीं नहीं मिले हैं. प्राचीन काल में रोम और मिस्र की सभ्यता के समय दवाओं और प्रसाधनों में तेल का उपयोग तो किया जाता था लेकिन बामियान से पुराने तैल चित्र नहीं मिले हैं."

वो बताती हैं, "राजनीतिक कारणों से मध्य एशिया में कला पर शोध करना मुश्किल होता है लेकिन बामियान के बुद्ध विश्व धरोहर स्थल या वर्ल्ड हेरिटेज साइट हैं इसीलिए युनेस्को की मदद से हम यहाँ अध्ययन कर सके."

फ़्राँस के ग्रेनोबल्स स्थित यूरोपियन सिंक्रोट्रॉन रेडियेशन फ़ेसिलिटी में आधुनिक तकनीकों की मदद से यह शोध किया गया.

चित्रों को सिल्क रूट यानी उस रास्ते से भी जोड़ा जा रहा है जिसके ज़रिए चीन और भारत और पश्चिमी देशों के बीच व्यापार किया जाता था.

माना जा रहा है कि संभवत: बामियान की गुफ़ाओं में दीवारों पर ये तैल चित्र उन कलाकारों ने बनाए हैं जो सिल्क रूट के ज़रिए कई देशों में आया-जाया करते थे.

बामियान में बुद्ध की मूर्तिबामियान के बुद्ध
बामियान में बुद्ध की प्रतिमाओं को फिर से खड़ा करने की कोशिशें...
द लास्ट सपर 'द लास्ट सपर'
विंची की मशहूर कलाकृति 'द लास्ट सपर' इंटरनेट पर देख सकते हैं.
चित्र'कलाकार' हिटलर
इंग्लैंड में हिटलर के बनाए हुए चित्रों की नीलामी की गई है.
बामियानदिखेंगे बामियान के बुद्ध
लेज़र किरणों के ज़रिए बामियान के पहाड़ों पर बुद्ध की विशाल तस्वीरें दिखेंगी.
पाब्लो पिकासोपिकासो के रेखाचित्र
पाब्लो पिकासो के रेखाचित्रों की बिक्री पेरिस में हो रही है. बेच रही हैं उनकी प्रेमिका.
गोंड चित्रकारीलंदन में गोंड पेंटिंग
मध्य प्रदेश की गोंड चित्रकारी ने लंदन में भी अपनी अनोखी छाप छोड़ी है.
रेम्ब्राँ चित्रकारख़ामी से महानता
वैज्ञानिकों के मुताबिक़ एक चित्रकार की आँख में ख़ामी महानता में साबित हुई.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>