|
पाकिस्तानी ज़मीन पर तारे.. नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी केंद्रीय फ़िल्म सेंसर बोर्ड ने भारतीय अभिनेता आमिर ख़ान की फ़िल्म “तारे ज़मीन पर” को पाकिस्तान में प्रदर्शन के लिए सेंसर का प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया है. सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष अज़फ़र शफ़्क़त ने बीबीसी हो बताया कि 'तारे ज़मीन पर' को इस आधार पर प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया क्योंकि फ़िल्म की शूटिंग केवल भारत में हुई है. उन्होंने कहा, “ जो फ़िल्में हिंदुस्तान में बनती हैं, उनके प्रदर्शन की अनुमति नहीं हैं. यह फ़िल्म भी हिंदुस्तान में बनी थी इसलिए पाकिस्तान में प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है.” बच्चों पर बनाई गई ये फ़िल्म भारत में कई पुरस्कार जीत चुकी है. इंडिपेन्डेंट मूविज़ नाम के संगठन की ओर से फ़िल्म को पाकिस्तान में प्रदर्शित करने का आवेदन दिया गया था. पाकिस्तानी सिनेमाघरों में आजकल मुकेश भट्ट की फ़िल्म किलर और फ़िरोज़ नादियादवाला की वेलकम दिखाई जा रहीं है. इससे पहले भारतीय फ़िल्में ताज महल, मुग़ल-ए-आज़म और आवारापन का पाकिस्तानी सिनेमाघरों में प्रदर्शन किया जा चुका है. पाकिस्तानी क़ानून सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष का कहना था कि क़ानून के अनुसार केवल उन फ़िल्मों को प्रदर्शन की इजाज़त मिल सकती है जिन्हें बनाने वाली कंपनी किसी दूसरे देश से पंजीकृत हो. उन्हों ने कहा, “केंद्रीय सरकार ने यह फ़ैसला लिया है कि जो भी फ़िल्म संपूर्ण रूप से भारत में बनाई जाएगी, उसका पाकिस्तान में प्रदर्शन नहीं किया जाएगा.” अज़फ़र शफ़्क़त ने बताया कि सरकार ने फ़िल्म मुग़ल-ए-आज़म और ताज महल को विशेष अनुमति दी थी और अगर आमिर ख़ान विशेष अनुमति के लिए सरकार को पत्र लिखें तो अनुमति मल सकती है. पाकिस्तान में 'तारे ज़मीन पर' के प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर आमिर ख़ान से फ़ोन पर संपर्क किया गया. लेकिन वे अपनी नई फ़िल्म गजनी की शूटिंग में व्यस्थ थे. गौरतलब है कि पाकिस्तान में फ़िल्में बनाने और इस के प्रदर्शन के लिए तीन क़ानून लागू हैं जिनमें मोशन पिक्चर ऑरडिनेंस, सेंसरशिप ऑफ़ फ़िल्म रोल्स और सेंसरशिप कोड शामिल हैं. सरकार मोशन पिक्चर अध्यादेश का प्रयोग कर तारे ज़मीन पर को अनुमति दे सकती है. फ़िल्म तारे ज़मीन पर को पाकिस्तान में काफ़ी पसंद किया गया है और केबल टीवी नेटवर्क पर इस फ़िल्म को कई बार दिखाया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'फ़िल्म का बनना अरेंज्ड मैरिज के जैसा'16 मार्च, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस नंबरों के खेल में आमिर और शाहरुख़13 मार्च, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस फ़िल्मफेयर में 'तारे ज़मीं पर' की धूम23 फ़रवरी, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस .....और पिघल गए 'लौह पुरुष'12 जनवरी, 2008 | मनोरंजन एक्सप्रेस वडोदरा में 'तारे ज़मीं पर' का विरोध21 दिसंबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||