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साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान में जन्मी 87 वर्षीया लेखिका डॉरिस लैसिंग को इस वर्ष का नोबेल साहित्य पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई है. स्वीडिश अकादमी के स्थायी सचिव प्रोफ़ेसर होरेस एंगदाहल ने ये घोषणा करते हुए कहा कि डॉरिस लैसिंग के लेखन में संशयवाद, अग्नि और स्वप्नदृष्टि से जुड़े महिलाओं के अनुभव के आधार पर खंडित सभ्यताओं की पड़ताल की गई है. डॉरिस लैसिंग को किसी एक कृति या उपन्यास नहीं बल्कि पिछले साठ साल के दौरान साहित्य को उनके योगदान के लिए एक करोड़ क्रोनर का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. उनका पहला उपन्यास – द ग्रास इज़ सिंगिंग – रोडेशिया (ज़िम्बॉब्वे) में बिताए बचपन के उन दिनों की याद पर आधारित है जब वहाँ साम्राज्यवाद कमज़ोर हो रहा था. वर्ष 1916 में ईरान में जन्मी डॉरिस के माता पिता मक्के की खेती में मुनाफ़ा कमाने के मक़सद से रोडेशिया चले गए जहाँ बचपन के दिनों में डॉरिस ने काले अफ़रीक़ी लोगों के ख़िलाफ़ गोरे औपनिवेशिक साहबों के ज़ुल्म को अपने आँखों से देखा और महसूस किया. आने वाले बरसों में ये कथ्य बार बार डॉरिस के लेखन का विषय बना. उनकी चर्चित किताबों में हैं दि गोल्डेन नोटबुक, मेमॉयर्स ऑफ़ ए सर्वाइवर और दि समर बिफ़ोर दि डार्क. और शुरुआती दिनों में कम्युनिस्ट आंदोलन से जुड़ी डॉरिस लैसिंग बाद में वामपंथ से दूर होती चली गईं लेकिन संघर्षरत जनता के लड़ने की जिजीविषा पर वो लगातार क़लम चलाती रहीं. उनकी कहानियों में आपाधापी, अराजकता, द्वंद्व और दुख का स्वर प्रमुख है, लेकिन इन सबके बाद अंत में उभर कर आता है -- मानवता की जीत पर भरोसा. | इससे जुड़ी ख़बरें शबाना गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित26 अक्तूबर, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस बिग बी को फ़्रांसीसी नागरिक सम्मान27 जनवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस 'द डिपार्टेड' के हिस्से में चार ऑस्कर 26 फ़रवरी, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस श्याम बेनेगल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार08 अगस्त, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस अमिताभ बच्चन को राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार07 अगस्त, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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