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बर्लिन फ़िल्म उत्सव में भारतीय फ़िल्म सम्मानित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में हुए बर्लिन फ़िल्म उत्सव में चीन की फ़िल्म 'तुयास मैरिज' को गोल्डन बीयर अवार्ड दिया गया है जबकि भारतीय फ़िल्म 'वनजा' को पहली बार निर्देशित की गई फ़िल्म की श्रेणी में पुरस्कार मिला है. भारत की फ़िल्म वनजा का निर्देशन रजनीश डोमलपल्ली ने किया है और इसमें अभिनेत्री ममता भूक्या ने काम किया है. वनजा दक्षिण भारत में रहने वाले एक मच्छुआरे की बेटी की कहानी है. वहीं गोल्डन बीयर विजेता चीनी फ़िल्म 'तुयास मैरिज' वांग क्वानआन के निर्देशन में बनी है. इस फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक महिला अपने बच्चे और बीमार पति की देखभाल करने के लिए संघर्ष करती है. अन्य पुरस्कार
पुरस्कार मिलने के बाद वांग क्वानआन ने कहा कि चीनी नए साल में वे इससे बेहतर तोहफ़े की उम्मीद नहीं कर सकते थे. वहीं सिल्वर बीयर का पुरस्कार अर्जेंटीना की फ़िल्म 'द अदर' को मिला जिसे एरियल रॉटर ने निर्देशित किया है. बर्लिन फ़िल्म उत्सव में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अर्जेंटीना के जूलियो शावेज़ को 'द अदर' में अभिनय के लिए मिला. जबकि जर्मन अभिनेत्री नीना हॉस को फ़िल्म 'येल्ला' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला. सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार फ़िल्म 'ब्यूफ़ोर्ट' के लिए जोसेफ़ सीडार को दिया गया. ये फ़िल्म वर्ष 2000 में 18 साल बाद लेबनान से इसराइल के जाने के बारे में बनाई गई है. संवाददाताओं का कहना है कि चीनी फ़िल्म तुयास मैरिज को गोल्डन बीयर मिलने पर कुछ विशलेषकों को हैरत हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें ईस्टवुड को मिला 'लीजन ऑफ़ ऑनर' 17 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका बिग बी को फ़्रांसीसी नागरिक सम्मान27 जनवरी, 2007 | पत्रिका बाफ्टा में 'द क्वीन' सर्वश्रेष्ठ फिल्म12 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका 'गर्बवित्सा' सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म घोषित19 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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