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'गर्बवित्सा' सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म घोषित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बोस्निया की एक फ़िल्म को 56वें बर्लिन फ़िल्म महोत्सव का सर्वोच्च पुरस्कार गोल्डन बियर प्रदान किया गया है. निर्देशक येस्मिला ज़्बैनिच की फ़िल्म 'गर्बवित्सा' में बोस्निया युद्ध के दौरान सरायेवो में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद की स्थिति का चित्रण किया गया है. पुरस्कार पाने के बाद ज़्बैनिच ने कहा, "बोस्निया में युद्ध ख़त्म हुए 13 साल बीत चुके हैं लेकिन अब भी रोदोवान कराद्ज़िच और रातको म्लादिच जैसे युद्धापराधी यूरोप में खुले घूम रहे हैं." उन्होंने अफ़सोस व्यक्त किया कि सामूहिक बलात्कार के दोषियों को पकड़ कर न्याय के कटघरे में नहीं खड़ा किया जा सका है. इस बार बर्लिन फ़िल्म महोत्सव में राजनीतिक विषयों वाले फ़िल्मों को कुछ ज़्यादा ही प्रमुखता मिली. ब्रितानी निर्देशक माइकल विन्टरबॉटम और मैट व्हाइटक्रॉस को फ़िल्म 'रोड टू ग्वांतानामो' के लिए सिल्वर बियर का पुरस्कार दिया गया. 'रोड टू ग्वांतानामो' में तीन ब्रितानी मुसलमानों की सच्ची कहानी है. इन मुसलमानों को अफ़ग़ानिस्तान में पकड़े जाने के बाद ग्वांतानामो बंदी शिविर में भेज दिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें यश चोपड़ा बर्लिन की जूरी में शामिल18 जनवरी, 2006 | मनोरंजन दक्षिण एशियाई फ़िल्मों का मेला09 दिसंबर, 2005 | मनोरंजन सिखों का अपना फ़िल्म महोत्सव13 अक्तूबर, 2005 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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